Bihar Land for Jobs Scam: बिहार (Bihar) में जल्द ही राजनीतिक तापमान (Political Crisis) फिर बढ़ सकता है। CNN-News18 ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के शीर्ष सूत्रों के हवाले से बताया है कि जमीन के बदले नौकरी घोटाला (land for jobs scam) सबसे बड़े धोखाधड़ी के मामले के रूप में सामने आ सकता है। मामले में UPA 1 सरकार में रेल मंत्री के रूप में लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) के कार्यकाल के दौरान गड़बड़ी का आरोप लगा है।
सूत्रों ने कहा कि एजेंसी के पास एक हार्ड डिस्क है। इसमें 1,458 उम्मीदवारों की लिस्ट है, जिन्होंने कथित तौर पर नौकरी के बदले यादवों को अपनी जमीन दी थी। सूत्रों ने कहा कि लिस्ट लालू प्रसाद के बेटे और अब बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव द्वारा तैयार की गई थी। पिछले महीने छापे के दौरान CBI के डिस्क जब्त किए जाने के बाद इसका खुलासा हुआ था।
सूत्रों ने बताया कि दोस्तों और परिवार के नाम पर उनकी जमीन लेने के बाद जमीन का चकबंदी भी हुई। इन 1,458 मामलों में से लगभग 16 पहले ही वैरिफाई हो चुके हैं और अब तक की CBI जांच में सही भी साबित हुए हैं।
उम्मीद की जा रही है कि CBI इन उम्मीदवारों के बारे में जानकारी जुटाने के लिए जल्द ही रेलवे को पत्र लिखेगी। एक गवाह के अनुसार, ये लोग गलत डेटा और प्रमाण पत्र के बावजूद भर्ती किए गए थे।
सूत्रों ने कहा कि एजेंसी अगले चरण की जांच में रेलवे कर्मचारियों के गलत कामों पर भी गौर करेगी। सबसे बड़ी बात ये कि किसी स्तर पर तेजस्वी यादव को भी गिरफ्तार किया जा सकता है, क्योंकि उनके खिलाफ सबूत "बहुत मजबूत" हैं।
CBI के अनुसार, लालू प्रसाद यादव 2004 से 2009 तक रेल मंत्री रहे। आरोप हैं कि उस दौरान उन्होंने रेलवे के अलग-अलग जोन में ग्रुप-D की नौकरियों के बदले में अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर जमीन ट्रांसफर करा कर 'आर्थिक लाभ' हासिल किया।
CBI की FIR में कहा गया, "पूछताछ में पता चला है कि पटना में करीब 1,05,292 स्क्वायर फीट जमीन लालू प्रसाद यादव के परिवार वालों ने अधिग्रहित की थी।"
इसमें आगे कहा गया, "दिलचस्प बात यह है कि जमीन ट्रांसफर के ज्यादातर मामलों में विक्रेताओं को पेमेंट कैश में दिखाया गया था। मौजूदा सर्किल रेट के अनुसार, गिफ्ट डीड के जरिए हासिल की गई जमीन समेत लैंड पारसल की मौजूदा कीमत करीब 4.39 करोड़ रुपए है।"