आगामी लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी की रणनीति और अयोध्या में राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह पर चर्चा करने के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेताओं की मंगलवार को नई दिल्ली में एक बैठक (BJP Meeting Over Ram Mandir And Lok sabha Election) की। इस बैठक में आगामी लोकसभा चुनाव और राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम से जुड़े रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक में पार्टी महासचिव सुनील बंसल, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, अश्विनी वैष्णव और मनसुख मंडाविया और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा मौजूद थे। इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा भी बैठक में शामिल थे।
बता दें कि अयोध्या में राम मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा समारोह 22 जनवरी को होगा। सूत्रों के मुताबिक लोकसभा चुनाव से पहले राम मंदिर मुद्दे पर RSS और बीजेपी में समन्वय से संबंधित अहम बैठक हुई है। बैठक में इस बात पर चर्चा की गई कि आम चुनाव की तैयारियों के बीच राम मंदिर मुद्दे का प्रचार और प्रसार कैसे किया जाए।
इस दौरान राम मंदिर मुद्दे पर बुकलेट छपवाकर देश भर के अलग अलग जगहों पर बंटवाने पर भी विचार किया गया है। वहीं, इस बात पर भी चर्चा हुई कि राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के वक्त अलग-अलग जगहों पर स्थानीय लोगों के साथ कैसे कार्यक्रम का आयोजन किया जाए।
बता दें कि राम मंदिर का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 जनवरी को करेंगे। इसको लेकर काफी जोर-शोर से तैयारियां चल रही है। समारोह को लेकर विपक्षी नेताओं को भी न्योता दिया गया है। हालांकि, प्राण प्रतिष्ठा को लेकर विपक्ष के एक जैसे सुर सुनने को नहीं मिल रहे हैं।
एक पक्ष राम मंदिर ट्रस्ट की तरफ से मिले निमंत्रण मिलने के बाद कार्यक्रम में जाने या न जाने को लेकर संशय में है तो वहीं किसी को इसका निमंत्रण ही नहीं मिला है। कांग्रेस नेता सोनिया गांधी समेत पार्टी प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे और अधीर रंजन चौधरी को जहां निमंत्रण दिया गया है। वहीं, शिवसेना (UBT) के प्रमुख उद्धव ठाकरे को कोई न्योता नहीं मिला है।