Maharashtra Political Crisis: महाराष्ट्र की सत्तारूढ़ महा विकास आघाड़ी (MVA) सरकार में जारी राजनीतिक संकट के बीच शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने बिना किसी का नाम लिए शुक्रवार को कहा कि उनके (उद्धव ठाकरे) पैरों तले जमीन खिसक रही है। CNN-News18 को दिए एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में शिंदे ने बागी विधायकों पर दबाव बनाने के आरोपों से इनकार किया है।
उन्होंने कहा, "मैं यहां (गुवाहाटी) पिछले 4 दिनों से हूं। फिर भी लोग हमसे जुड़ने आ रहे हैं। क्या यह दबाव है?" शिंदे ने खुद को विधायक दल का नेता बताया है। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे हमें अयोग्य नहीं ठहरा सकते। वे सिर्फ हमें डराने की कोशिश कर रहे हैं।
शिंदे ने कहा कि वे हमारे खिलाफ क्या कार्रवाई कर रहे हैं? हम उनके खिलाफ कार्रवाई कर सकते हैं। हमारे पास नंबर हैं। हमारे पास अभी 50 से अधिक विधायक हैं और आने वाले समय में समर्थन और बढ़ेगा। शिंदे 37 शिवसेना और 10 निर्दलीय विधायकों के साथ गुवाहाटी में डेरा डाले हुए हैं।
एकनाथ शिंदे ने दावा किया कि उनके नेतृत्व वाला ग्रुप ‘असली शिवसेना’ है। शिंदे ने उद्धव पर यह कहते हुए पलटवार किया कि वह और उनके समर्थक अयोग्यता की धमकियों से भयभीत नहीं होंगे। गुरुवार देर रात ट्वीट्स की एक सीरीज में शिंदे ने कहा कि संविधान की 10 वीं अनुसूची के अनुसार, विधायिका की कार्यवाही के लिए एक पार्टी व्हिप जारी किया जाता है, न कि पार्टी बैठक में भाग लेने के लिए।
आज 50 पार जा सकता है बाकी विधायकों का आंकड़ा
शिवसेना के विधायक एक-एक करके उद्धव ठाकरे का साथ छोड़ते दिख रहे हैं। दूसरी तरफ गुवाहाटी में बैठे शिवसेना के बागी नेता और कैबिनेट मंत्री एकनाथ शिंदे का गुट मजबूत होता जा रहा है। माना जा रहा है कि शिंदे के गुट में शामिल शिवसेना विधायकों की संख्या आज 50 पार जा सकती है। समाचार एजेंसी एएनआई ने अपने सूत्रों के हवाले से बताया कि एकनाथ शिंदे के खेमे में शिवसेना के विधायकों की संख्या 50 से अधिक हो सकती है, क्योंकि आज और विधायकों के गुवाहाटी पहुंचने की संभावना है।
शिवसेना ने की 12 विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग
इस बीच, शिवसेना ने विधायक दल की बैठक में शामिल नहीं होने वाले शिंदे खेमे के 12 विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग की है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बुधवार को पार्टी की विधायक दल की बैठक में शामिल नहीं होने पर इन 12 विधायकों को अयोग्य घोषित करने की मांग की।
शिवसेना नेता अरविंद सावंत ने एएनआई से कहा कि बैठक से पहले सभी विधायकों को एक नोटिस दिया गया था कि जो भी बैठक में शामिल नहीं होगा उसके खिलाफ कानूनी कदम उठाए जाएंगे। वहीं, दूसरी तरफ शिवसेना की कार्रवाई की मांग के बदले शिंदे ने भी डिप्टी स्पीकर और राज्यपाल को पत्र लिखा है। उन्होंने अपने खेमे में 37 शिवसेना विधायकों के होने का दावा किया है।
MVA गठबंधन से बाहर निकलने तो शिवसेना तैयार
बुधवार को गुवाहाटी पहुंचने के बाद शिंदे ने कुछ निर्दलीय विधायकों समेत 46 विधायकों के समर्थन का दावा किया था। वहीं, सूत्रों के मुताबिक 3 विधायकों के और शामिल होने के बाद शिंदे गुट की संख्या अब 49 हो गई है। इस बीच शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि अगर विधायक वापस आते हैं तो पार्टी NCP और कांग्रेस के साथ गठबंधन तोड़ने के लिए तैयार है। जबकि एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा कि बागी विधायकों को कीमत चुकानी पड़ेगी।
शिंदे ने कहा है कि एमवीए गठबंधन में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) और कांग्रेस मजबूत जबकि सरकार का नेतृत्व करने वाली शिवसेना और उसके कार्यकर्ता कमजोर हो रहे हैं। आपको बता दें कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भावनात्मक अपील करने और इस्तीफा देने की पेशकश के साथ ही बुधवार रात अपना आधिकारिक आवास खाली कर दिया था।