नए कृषि कानूनों पर गठित सुप्रीम कोर्ट की समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक हो गई है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि 85.7 फीसदी यानी ज्यादतर किसान नए कृषि कानूनों (Farm Laws) के पक्ष में थे। यह जानकारी चौंकाने वाली है। इससे यह साबित हुआ है कि कृषि क्षेत्र में सुधार (Agriculture Reforms) की सरकार की कोशिशों का सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए विरोध किया गया। सवाल है कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार किसानों का असल मूड भांपने में नाकाम रही?
