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Farm Laws: नए कृषि कानूनों के पक्ष में थे 85% किसान, ... तो क्या मोदी सरकार किसानों का मूड भांपने में फेल कर गई?

कृषि कानूनों पर बनी समिति की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपी जा चुकी है। सोमवार को समिति के सदस्य अनिल घनवट ने इस रिपोर्ट के बारे में बताया

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 22, 2022 पर 1:10 PM
Farm Laws: नए कृषि कानूनों के पक्ष में थे 85% किसान, ... तो क्या मोदी सरकार किसानों का मूड भांपने में फेल कर गई?
पिछले साल नवंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीनों कानूनों को वापस लेने (Repeal of Agri Laws) के ऐलान के बाद यह आंदोलन खत्म हुआ था।

नए कृषि कानूनों पर गठित सुप्रीम कोर्ट की समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक हो गई है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि 85.7 फीसदी यानी ज्यादतर किसान नए कृषि कानूनों (Farm Laws) के पक्ष में थे। यह जानकारी चौंकाने वाली है। इससे यह साबित हुआ है कि कृषि क्षेत्र में सुधार (Agriculture Reforms) की सरकार की कोशिशों का सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए विरोध किया गया। सवाल है कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार किसानों का असल मूड भांपने में नाकाम रही?

एक साल से ज्यादा चला था आंदोलन

सरकार के तीन कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली के बॉर्डर इलाके में हजारों किसान (Farmers Protest) एक साल से ज्यादा समय तक डटे रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीनों कानूनों को वापस लेने (Repeal of Agri Laws) के ऐलान के बाद यह आंदोलन खत्म हुआ।

सुप्रीम कोर्ट की समिति की रिपोर्ट से सचाई सामने आई

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