Farmers Protest: किसान आंदोलन खत्म करने को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) और केंद्र सरकार के बीच बात बनती नजर आ रही है। पिछले एक सालों से अधिक समय से कई किसान संगठनों के साझा मंच संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले आंदोलनरत किसान आंदोलन खत्म करने पर आज फैसला करेंगे।
रिपोर्ट के मुताबिक, गृह मंत्रालय ने किसान संगठनों को एक प्रस्ताव भेजा है, जिसमें कहा गया है कि उनकी लंबित मांगों का समाधान हो गया है। हालांकि संयुक्त किसान मोर्चा कुछ मुद्दों पर स्पष्टीकरण चाहता है, जिनमें प्रदर्शनकारियों के खिलाफ फर्जी मुकदमों को वापस लेना शामिल है।
5 सदस्यीय कमेटी ने बुलाई इमरजेंसी बैठक
संयुक्त किसान मोर्चा ने आज दोपहर दो बजे एक अहम बैठक रखी है। हालांकि, इससे पहले संयुक्त किसान मोर्चा की 5 सदस्यीय कमेटी ने सुबह 10 बजे एक आपात बैठक बुलाई है। यह बैठक नई दिल्ली इलाके में है। इस मीटिंग में बलबीर राजेवाल, गुरनाम चढ़ूनी, युद्धवीर सिंह, अशोक धावले और शिव कुमार कक्का शामिल होंगे।
इससे पहले किसानों ने सरकार की ओर से भेजे गए मसौदे पर अपनी असहमतियां भेजी थीं और कहा था कि यदि केंद्र इनमें सुधार कर ले तो आंदोलन वापस ले लिया जाएगा। माना जा रहा है कि पांच सदस्यीय कमेटी की बैठक के बाद केंद्र सरकार के बड़े मंत्री से भी मुलाकात कर सकती है।
केंद्र ने पहली बार भेजा प्रस्ताव
तीन कृषि कानूनों को रद करने और MSP पर काननू बनाने सहित दूसरे मुद्दों पर समिति गठित करने की घोषणा के बाद केंद्र ने पहली बार मंगलवार को संयुक्त किसान मोर्चा के पास लिखित प्रस्ताव भेजा। इसमें किसानों की सभी मांगों को मानने का जिक्र है, लेकिन मोर्चा के नेताओं ने उक्त प्रस्ताव का स्वागत करते हुए तीन प्रमुख आपत्तियों के साथ सरकार को वापस भेज दिया।
किसानों की तरफ से उम्मीद जताई गई है कि सरकार उनकी चिंताओं पर सहनभूतिपूर्वक विचार कर बुधवार तक अपनी प्रतिक्रिया देगी। इसको लेकर मोर्चा बुधवार दोपहर दो बजे एक बार फिर बैठक करेगा तभी किसी अंतिम निर्णय पर पहुंचा सकेगा। माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद आंदोलन को वापस लिया जा सकता है।
सरकार ने मानीं सभी मांगें
किसान नेता कुलवंत सिंह संधू ने मंगलवार को कहा कि प्रदर्शनकारी किसान संगठन आंदोलन के भविष्य को लेकर आम सहमति पर पहुंच गए हैं क्योंकि उनकी लगभग सभी मांगों को मान लिया गया है, लेकिन निर्णय की औपचारिक घोषणा बुधवार को की जाएगी।
प्रदर्शन में शामिल 40 से ज्यादा किसान संगठनों का नेतृत्व कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) की बैठक के बाद संधू ने कहा कि हमारे द्वारा उठाई गई लगभग सभी मांगों को मान लिया गया है....पत्र (सरकार से किसानों की मांगों पर आश्वासन के साथ) मिल गया है। आम सहमति बन गई है, कल अंतिम निर्णय की घोषणा की जाएगी।
आंदोलन की अगुवाई कर रहे एसकेएम ने फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर कानूनी गारंटी, तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों के परिजन को मुआवजा, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मुकदमे वापस लेने की लंबित मांगों पर सरकार के साथ बातचीत करने के लिए शनिवार को पांच सदस्यीय समिति का गठन किया था।