Parliament Winter Session 2021: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के दौरान जान गंवाने किसानों के परिवारों के लिए मुआवजे की मांग मंगलवार को लोकसभा में उठाई और कहा कि सरकार को इन किसान परिवारों को उनका अधिकार देना चाहिए।
राहुल गांधी ने लोकसभा में शून्यकाल के दौरान इस मामले को उठाया और लोकसभा के पटल पर करीब 500 किसानों की एक लिस्ट भी रखी और दावा किया कि इन लोगों ने किसान आंदोलन के दौरान अपनी जान गंवाई। राहुल गांधी ने किसान आंदोलन के दौरान मारे गए 500 से अधिक किसानों की एक लिस्ट पिछले दिनों सार्वजनिक की थी।
राहुल गांधी का दावा- 700 किसान शहीद हुए
कांग्रेस सांसद ने कहा कि पूरा देश जानता है कि किसान आंदोलन में करीब 700 किसान शहीद हुए। प्रधानमंत्री जी ने देश और किसानों से माफी मांगी। प्रधानमंत्री ने स्वीकार किया कि उन्होंने गलती की है। 30 नवंबर को कृषि मंत्री से सवाल (लोकसभा में लिखित सवाल) पूछा गया था कि कितने किसानों की मौत हुई। उन्होंने जवाब दिया कि उनके पास कोई डेटा नहीं है।
राहुल गांधी ने कहा कि हमने इन किसानों के बारे में पता लगाया। पंजाब की सरकार ने राज्य के करीब 400 किसानों को मुआवजा दिया है। मैं इन किसानों की लिस्ट और प्रदर्शन के दौरान जान गंवाने वाले हरियाणा के कुछ किसानों की एक सूची सदन के पटल पर रख रहा हूं। कांग्रेस नेता ने कहा कि ये नाम यहां हैं। मैं चाहता हूं कि इन किसानों को हक मिलना चाहिए। उनके परिवारों को मुआवजा मिलना चाहिए।
PM मोदी से की मानवता दिखाने की अपील
इससे पहले राहुल गांधी ने कृषि कानून विरोधी आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों का रिकॉर्ड सरकार के पास नहीं होने को लेकर शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर असंवेदनशील और कायराना तरीके से व्यवहार करने का आरोप लगाया और कहा कि उन्हें मानवता दिखाते हुए इन शहीद किसानों के परिवारों को उचित मुआवजा प्रदान करना चाहिए।
राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री और सरकार को मानवता दिखाते हुए किसान आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों के परिवारों को उचित मुआवजा देना चाहिए। कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि जब प्रधानमंत्री ने अपनी गलती स्वीकार कर ली, माफी मांग ली तो फिर मुआवजा देने में क्या परेशानी है? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास किसानों, मजदूरों और गरीबों के लिए पैसे नहीं हैं, लेकिन तीन-चार पूंजीपतियों के लिए उसके पास पैसे की कोई कमी नहीं है।
सरकार बोली- मृतक किसानों का नहीं है आंकड़ा
सरकार ने गत 30 नवंबर को बताया था कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के आसपास कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान मृत किसानों की संख्या संबंधी आंकड़ा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के पास नहीं है। लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने यह जानकारी दी थी।
राजीव रंजन सिंह, टी आर प्रतापन, एन के प्रेमचंद्रन, ए एम आरिफ, डीन कुरियाकोस, प्रो. सौगत राय और अब्दुल खालीक ने पूछा था कि तीन कृषि कानून के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी के आसपास आंदोलन के दौरान कितने किसानों की मौत हुई। तोमर ने इसका जवाब देते हुए कहा कि कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के पास इस मामले में कोई आंकड़ा नहीं है।