भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी को लेकर पाकिस्तानी पत्रकार नुसरत मिर्जा के दावे के बाद बवाल जारी है। हामिद अंसारी पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आरोप लगाया है कि उन्होंने उपराष्ट्रपति रहते हुए एक ऐसे पाकिस्तानी पत्रकार को भारत आमंत्रित किया था, जिसने ISI के लिए जासूसी करने का दावा किया है।
हालांकि अंसारी ने बीजेपी के आरोपों को ‘झूठ का पुलिंदा’ बताते हुए खारिज कर दिया है। अंसारी ने कहा कि उन्होंने इस पत्रकार से कभी मुलाकात नहीं की तथा न ही उसे आमंत्रित किया। इस बीच बीजेपी ने शुक्रवार को कथित बैठक की एक तस्वीर जारी कर अंसारी और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा है।
तस्वीर जारी कर बीजेपी ने फिर बोला हमला
बीजेपी ने एक बार फिर से पाकिस्तानी खूफिया एजेंसी आईएसआई एजेंट के मामले में पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी पर सवाल उठाते हुए कहा है कि देश के संवैधानिक पद पर रहे व्यक्ति का पूरा सम्मान है, लेकिन भारत का हित सर्वोपरि है उससे ऊपर कोई नहीं है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने पार्टी मुख्यालय में मीडिया से बात करते हुए कहा कि अगर पूर्व उपराष्ट्रपति के पास इस मामले को लेकर कोई गोपनीय जानकारी है तो उन्हें सरकार के साथ साझा करना चाहिए।
भाटिया ने कहा कि दो दिन पहले नुसरत मिर्जा मामले को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस पार्टी और हामिद अंसारी से कुछ सवाल पूछे थे, लेकिन हामिद अंसारी ने सारा ठीकरा तत्कालीन कांग्रेस सरकार पर फोड़ते हुए जवाब दिया कि उपराष्ट्रपति के कार्यक्रम में जो गेस्ट बुलाए जाते हैं वो सरकार की सलाह से बुलाए जाते हैं। प्रवक्ता ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ मोदी सरकार की मजबूत लड़ाई में सबसे कमजोर कड़ी विपक्ष और कांग्रेस पार्टी है।
2010 में पाक पत्रकार को किया था आमंत्रित
उन्होंने कई कार्यक्रमों और पाकिस्तानी जासूस के भारत के कई शहरों में जाने, एक विश्वविद्यालय का दौरा करने और एक विशेष कार्यक्रम में उस व्यक्ति को नहीं बुलाए जाने का जिक्र करते हुए कटाक्ष किया कि आतंकवाद से कैसे लड़ना है, यह कांग्रेस पार्टी आईएसआई के एजेंट से सीख रही थी। पूर्व उपराष्ट्रपति पर आरोप लगाते हुए बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि 2010 में तत्कालीन उपराष्ट्रपति के ऑफिस से फोन कर आयोजकों को नुसरत मिर्जा को आमंत्रित करने के लिए कहा गया था।
भाटिया ने हामिद अंसारी पर गलत जवाब देने का आरोप लगाते हुए कहा कि संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्ति की जिम्मेदारी भी बड़ी होती है, अगर वो चाहते तो इस कार्यक्रम में जाने से मना कर सकते थे या नुसरत मिर्जा को उस कार्यक्रम में नहीं बुलाने का दवाब डाल सकते थे।
उन्होंने आतंकवाद के विषय पर आयोजित अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस की एक तस्वीर को दिखाते हुए (जिसमें तत्कालीन उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी और नुसरत मिर्जा बैठे हैं) एक बार फिर से हामिद अंसारी और कांग्रेस के साथ-साथ सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए जवाब मांगा है।