Maharashtra Crisis: अजित पवार के महाराष्ट्र के एकनाथ शिंदे सरकार में शामिल होने के बाद उनके और शरद पवार के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) पर दावेदारी को लेकर लड़ाई तेज हो गई है। इस कड़ी में शक्ति प्रदर्शन के वास्ते दोनों गुटों ने बुधवार को अलग-अलग बैठक बुलाई है। शरद पवार की अगुवाई वाली NCP ने सभी विधायकों को व्हिप जारी कर बुधवार को मुंबई में एक महत्वपूर्ण बैठक में उपस्थित रहने को कहा है। जबकि महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार के नेतृत्व वाले प्रतिद्वंद्वी गुट ने भी पार्टी विधायकों की अलग से एक बैठक बुलाई है।
शरद पवार की अगुवाई वाली NCP के मुख्य सचेतक जितेन्द्र आव्हाड ने एक पेज वाले इस व्हिप में कहा कि पवार ने पांच जुलाई को वाई. बी. चव्हाण सेंटर में दोपहर एक बजे बैठक बुलाई है और सभी विधायकों की उपस्थिति अनिवार्य है। अजित पवार के शिवसेना-भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार में 8 अन्य विधायकों के साथ रविवार को शामिल होने के बाद शरद पवार ने आव्हाड को मुख्य सचेतक नामित किया है।
अजित पवार खेमे ने मंगलवार को सभी वर्तमान तथा पूर्व विधायकों, सांसदों, पदाधिकारियों, कार्य समिति के सदस्यों और अन्य को एक नोटिस जारी किया। इसमें उन्हें समूह द्वारा नियुक्त महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष सुनील तटकरे द्वारा मुंबई के उपनगर बांद्रा स्थित मुंबई एजुकेशन ट्रस्ट के परिसर में बुधवार को बुलाई बैठक में शामिल होने को कहा गया है।
नोटिस शिवाजीराव गर्जे द्वारा जारी किया गया, जिन्हें शरद पवार नीत पार्टी ने पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के कारण निष्कासित कर दिया है। अजित पवार खेमे ने महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर से NCP की राज्य इकाई के अध्यक्ष जयंत पाटिल और जितेंद् आव्हाड को विधायक के रूप में अयोग्य घोषित करने के लिए कहा है।
शरद पवार द्वारा पार्टी से बर्खास्त किए जाने के बाद प्रफुल्ल पटेल ने सोमवार को अजित पवार को NCP विधायक दल का नेता नियुक्त किया। जबकि रविवार को मंत्री पद की शपथ लेने वाले अनिल भाईदास पाटिल पार्टी सचेतक बने रहेंगे।
शरद पवार नीत NCP ने विधानसभा के अध्यक्ष नार्वेकर के समक्ष एक आवेदन दाखिल किया है, जिसमें अजित पवार और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री पद की शपथ लेने वाले आठ अन्य विधायकों को अयोग्य घोषित करने की मांग की गई है।
दोनों गुटों की बैठक से स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है कि किसके साथ कितने विधायक हैं। 288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा में NCP के 53 विधायक हैं और अजित पवार गुट को दलबदल कानून के तहत अयोग्य ठहराए जाने से बचने के लिए कम से कम 36 विधायकों का समर्थन चाहिए।
अजित पवार गुट ने 40 विधायकों के समर्थन का दावा किया है। वहीं, शरद पवार गुट ने दावा किया है कि सरकार में शामिल अजित पवार सहित केवल 9 विधायकों ने ही पाला बदला है और बाकी शरद पवार के साथ हैं।