Maharashtra: इस्तीफे की अटकलों के बीच राज्यपाल के बाद CM उद्धव ठाकरे भी कोरोना संक्रमित, पहले से ही ICU में है MVA सरकार

शिवसेना नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) के बागी तेवरों के बाद महा विकास अघाडी (MVA) सरकार की स्थिरता पर अनिश्चितता के बादल मंडराने लगे हैं। जारी सियासी उठापटक के बीच सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे आज अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं

अपडेटेड Jun 22, 2022 पर 1:30 PM
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महाराष्ट्र में इस वक्त उद्धव ठाकरे की सरकार काफी मुश्किल में दिख रही है

Maharashtra Political Crisis: शिवसेना नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) के बागी तेवरों के बाद महा विकास अघाडी (MVA) सरकार की स्थिरता पर अनिश्चितता के बादल मंडराने लगे हैं। महाराष्ट्र में जारी सियासी उठापटक के बीच सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे आज अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं।

वहीं, महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के बाद अब मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) भी कोरोना संक्रमित हो गए हैं। कांग्रेस नेता कमलनाथ ने दावा किया है कि उद्धव कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं और किसी से नहीं मिलेंगे। चर्चा हैं कि महाविकास अघाड़ी सरकार विधानसभा भंग करने की सिफारिश भी कर सकती है। शिवसेना नेता संजय राउत ने इसके संकेत दिए हैं।

आदित्य ठाकरे ने ट्विटर बायो से मंत्री पद हटाया


राज्यपाल कोश्यारी भी कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए हैं। एक अधिकारी ने बताया कि संक्रमण की पुष्टि के बाद कोश्यारी (80) को रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल में भर्ती कराया गया है। महाराष्ट्र में जारी सियासी हलचल के बीच मुख्यमंत्री उद्धव के बेटे आदित्य ठाकरे ने अपने ट्विटर बायो से मंत्री पद हटा लिया है। आदित्य ठाकरे महाराष्ट्र सरकार में पर्यटन और पर्यावरण विभाग के मंत्री हैं। इसका मतलब है कि उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने जा रहे हैं।

संकट में उद्धव सरकार

बता दें कि महाराष्ट्र में इस वक्त उद्धव ठाकरे की सरकार काफी मुश्किल में दिख रही है। महाराष्ट्र के मंत्री एकनाथ शिंदे ने बागी रुख अपना लिया है। शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे पार्टी के अन्य विधायकों के साथ बुधवार सुबह गुजरात के सूरत से भारतीय जनता पार्टी (BJP) शासित असम के गुवाहाटी पहुंच गए। सभी बागी विधायक गुवाहाटी के रैडिसन ब्लू होटल में ठहरे हुए हैं। गुवाहाटी में उनका स्वागत बीजेपी नेता सुशांत बोरगोहेन और पल्लब लोचन दास ने किया।

गुवाहाटी एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बात करते हुए शिंदे ने दावा किया कि उनके पास 40 विधायकों का समर्थन है। उन्होंने कहा कि वे बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा को आगे बढ़ाएंगे। एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में शिंदे ने कहा, “40 विधायक यहां मौजूद हैं और हम सब बालासाहेब ठाकरे के हिंदुत्व और उनकी भूमिका को आगे ले जाना चाहते हैं। मैं वर्तमान में दूसरों या अन्य मुद्दों पर टिप्पणी नहीं करना चाहता।”

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हालांकि गुवाहाटी के लिए रवाना होने से पहले सूरत एयरपोर्ट पर शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे ने कहा, "हमने बालासाहेब ठाकरे की शिवसेना को नहीं छोड़ा है और नहीं छोड़ेंगे। हम बालासाहेब के हिंदुत्व का अनुसरण कर रहे हैं और इसे आगे भी ले जाएंगे।"

असम के लिए रवाना होने से पहले, एकनाथ शिंदे और पार्टी के अन्य विधायक बीजेपी शासित राज्य गुजरात के सूरत होटल में डेरा डाले हुए थे। उन्हें गुवाहाटी में शिफ्ट करने का कदम मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के साथ टेलीफोन पर बातचीत के तुरंत बाद आया।

पहले सूरत में थे बागी विधायक

महाराष्ट्र में संकट सोमवार के विधान परिषद चुनावों में संदिग्ध क्रॉस-वोटिंग के बाद सामने आया, जिसमें बीजेपी ने 10 में से पांच सीटें जीतीं। बताया जाता है कि शिवसेना की बगावत ने बीजेपी को यह उपलब्धि हासिल करने में मदद की।

शिंदे मंगलवार को बीजेपी शासित राज्य गुजरात के सूरत में थे। सूरत से वह अन्य बागी विधायकों के साथ बुधवार सुबह गुवाहाटी पहुंचे। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने कहा कि शिंदे अपनी पार्टी के 33 विधायकों और 7 निर्दलीय विधायकों के साथ असम पहुंचे हैं। शिंदे गुट को दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्यता से बचने के लिए 37 शिवसेना सांसदों के समर्थन की जरूरत है।

सीटों का गणित

बता दें कि महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महाराष्ट्र विकास अघाड़ी के सदस्यों की संख्या इस समय 169 है, जिसमें शिवसेना के 56, एनसीपी के 53 और कांग्रेस के 44 विधायक शामिल हैं। अगर शिवसेना के 35 विधायक अलग हो जाते हैं तो इस गठबंधन के सदस्यों की संख्या घटकर 134 रह जाएगी, जबकि 288 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 145 सदस्यों की जरूरत होगी। इस समय रिक्तियों आदि के कारण हालांकि बहुमत के लिए 143 सदस्यों का समर्थन ही आवश्यक होगा।

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