Maharashtra Politics: सिर्फ 5 महीनों में महाराष्ट्र में 39 लाख नए वोटर क्यों जोड़े गए? राहुल गांधी के सवाल पर चुनाव आयोग का आया जवाब

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य की मतदाता सूची में अनियमितताओं से संबंधित कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का आरोप शुक्रवार को खारिज कर दिया। सीएम ने कहा कि उन्होंने दिल्ली विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी की होने वाली हार को देखते हुए यह दावा किया है। फडणवीस ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष गांधी को आत्मचिंतन करने की जरूरत है

अपडेटेड Feb 07, 2025 पर 3:22 PM
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Maharashtra Politics: राहुल गांधी के अनुसार, लोकसभा चुनाव के बाद महाराष्ट्र में पांच महीनों में 39 लाख मतदाता जुड़े

Maharashtra Politics Today News: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार (7 फरवरी) को आरोप लगाया कि बार-बार मांग के बावजूद चुनाव आयोग की ओर से महाराष्ट्र के मतदाताओं के डेटा उपलब्ध नहीं कराने से लगता है कि कुछ न कुछ गलत है। राहुल गांधी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि 2019 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव के बीच पांच सालों में महाराष्ट्र में 32 लाख नए मतदाता जोड़े गए। जबकि आम चुनाव के बाद सिर्फ पांच महीनों में 39 लाख नए वोटर जोड़े गए।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शिवसेना (UBT) के नेता संजय राउत और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP- SP) की सांसद सुप्रिया सुले के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी कहा कि निर्वाचन आयोग को पारदर्शिता लानी चाहिए। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़ी पूरे राज्य की मतदाता सूची उपलब्ध कराना उसकी जिम्मेदारी है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने दावा किया कि महाराष्ट्र में मतदाताओं की संख्या यहां की वयस्क आबादी से ज्यादा है।

राहुल गांधी ने कहा, "महाराष्ट्र में विधानसभा 2019 और लोकसभा 2024 के बीच 5 साल में 32 लाख नए मतदाता जोड़े गए। लोकसभा 2024 और विधानसभा 2024 के बीच 5 महीने में 39 लाख नए वोटर जोड़े गए। सवाल ये है कि 5 महीने के अंदर पिछले 5 साल से ज्यादा मतदाता कैसे जोड़े गए?" कांग्रेस नेता ने चुनाव आयोग पर जांच के लिए बार-बार किए गए अनुरोधों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया।


उन्होंने कहा, "हमें वोटर लिस्ट की जरूरत है। लोकसभा और विधानसभा दोनों चुनावों के मतदाताओं के नाम और पते। हम यह समझना चाहते हैं कि ये नए जोड़े गए लोग कौन हैं।" राहुल गांधी ने कहा, "हम उस पूरे विपक्ष का प्रतिनिधित्व करते हैं जिसने महाराष्ट्र में पिछला चुनाव लड़ा था। हम भारत के लोगों के ध्यान में महाराष्ट्र चुनावों के संबंध में सामने आई कुछ महत्वपूर्ण जानकारी लाना चाहते हैं। हमारी टीम ने मतदाता सूची और मतदान पैटर्न का सावधानीपूर्वक अध्ययन किया है और हम कुछ समय से इस पर काम कर रहे हैं। दुर्भाग्य से हमें कई अनियमितताएं मिलीं।"

उन्होंने कहा कि देश के लिए, विशेषकर युवा लोगों के लिए जो लोकतंत्र के पक्षधर हैं और उसमें विश्वास करते हैं। इन निष्कर्षों से अवगत होना और समझना आवश्यक है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने दावा किया कि पिछले साल लोकसभा चुनाव और फिर पांच महीने बाद हुए महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बीच की अवधि में राज्य में हिमाचल प्रदेश की आबादी के बराबर की संख्या में मतदाता बढ़ गए। उन्होंने सवाल किए कि ये मतदाता कहां से आए हैं और ये कौन हैं?

राहुल गांधी ने कहा, "हम आरोप नहीं लगा रहे हैं, लेकिन विपक्ष के बार-बार मांग के बावजूद निर्वाचन आयोग महाराष्ट्र में मतदाताओं का डेटा उपलब्ध नहीं करा रहा है। इससे पता चलता है कि कुछ गलत हुआ है।" उन्होंने दावा किया कि बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। इनमें अधिकतर मतदाता अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अल्पसंख्यक समुदायों के हैं।

चुनाव आयोग ने क्या दिया जवाब?

भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने गुरुवार को महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में अनियमितताओं के कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी। इलेक्शन कमीशन ने कहा कि वह लिखित में जवाब देगा। ECI ने कहा कि चुनाव आयोग राजनीतिक दलों द्वारा उठाए गए विचारों, सुझावों और सवालों को बहुत महत्व देता है।

चुनाव आयोग ने 7 फरवरी को X पर लिखा, "चुनाव आयोग राजनीतिक दलों को प्राथमिकता वाले हितधारकों के रूप में मानता है। बेशक मतदाता सबसे प्रमुख हैं और राजनीतिक दलों से आने वाले विचारों, सुझावों, सवालों को बहुत महत्व देता है। आयोग पूरे देश में समान रूप से अपनाए गए पूर्ण तथ्यात्मक और प्रक्रियात्मक मैट्रिक्स के साथ लिखित रूप में जवाब देगा।"

विपक्ष को सीएम ने दिया जवाब

इस दौरान उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना के राज्यसभा संजय राउत ने कहा, "अगर इस देश का चुनाव आयोग जिंदा है, उनका ज़मीर मरा नहीं है तो राहुल गांधी ने जो सवाल पूछे हैं उनका जवाब चुनाव आयोग को देना चाहिए। लेकिन चुनाव आयोग उसका जवाब नहीं देगा क्योंकि चुनाव आयोग भी सरकार की गुलामी कर रहा है।"

वहीं, NCP-SCP सांसद सुप्रिया सुले ने कहा, "जिस तरह से हमारी पार्टी तोड़ी गई, विधायक-सांसद तोड़े गए। हमारी लड़ाई आज भी सुप्रीम कोर्ट में चल रही है... हमने विधानसभा में चुनाव चिन्ह से तुतारी हटाने का अनुरोध चुनाव आयोग से किया। लेकिन उन्होंने तुतारी नहीं हटाया। जिसके कारण हम कई सीट हारे....चुनाव चिन्ह का विषय है, पार्टियां तोड़ने का विषय है, मतदाता सूची का विषय है। चुनाव आयोग को निष्पक्ष होना चाहिए।"

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि चुनाव आयोग ने सभी सवालों का जवाब दिया हुआ है। राहुल गांधी कवर फायरिंग कर रहे हैं क्योंकि उन्हें पता है कि 8 फरवरी को दिल्ली चुनाव के नतीजों के बाद उनकी पार्टी का दिल्ली में नाम और निशान समाप्त होने वाला है। सीएम ने कहा कि उस दिन क्या बोलना, कैसे एक नया नैरेटिव तैयार करना, वह उसी की तैयारी कर रहे हैं। राहुल गांधी अपनी हार का आत्मचिंतन करें।

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