शिवसेना (यूबीटी) (Shiv Sena UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने शनिवार को महाराष्ट्र (Maharashtra) के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) पर निशाना साधते हुए अपने समर्थकों से कहा कि पार्टी का ‘धनुष-बाण’ चिह्न चुरा लिया गया है और चोर को सबक सिखाने की जरूरत है। उद्धव पार्टी के नेताओं के साथ एक बैठक की अध्यक्षता करने से पहले बांद्रा में अपने घर ‘मातोश्री’ के बाहर समर्थकों को संबोधित कर रहे थे। ठाकरे ने कहा, "ये हमारी परीक्षा है। लड़ाई शुरू हो गई है।"
दरअसल चुनाव आयोग ने शुक्रवार को ‘शिवसेना’ नाम और ‘धनुष-बाण’ चिह्न शिंदे नीत खेमे को आवंटित कर दिया। ये पहला मौका है, जब ठाकरे परिवार ने पार्टी पर अपना नियंत्रण खो दिया है, जिसकी स्थापना बाल ठाकरे ने 1966 में की थी।
उद्धव ने कहा, "धनुष-बाण (चिह्न) चुरा लिया गया है। चोर को सबक सिखाने की जरूरत है। वे पकड़े गए हैं। मैं चोर को धनुष-बाण के साथ मैदान में आने की चुनौती देता हूं और हम इसका मुकाबला मशाल से करेंगे।" बता दें कि चुनाव आयोग ने पिछले साल उद्धव नीत खेमे को मशाल चिह्न आवंटित किया गया था।
उद्धव ठाकरे ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को महाराष्ट्र आने के लिए बालासाहेब ठाकरे के मुखौटे की जरूरत है।" उन्होंने कहा, "मैं कहना चाहता हूं कि वे बाला साहेब ठाकरे का चेहरा और चुनाव चिन्ह चाहते हैं, लेकिन उन्हें शिवसेना का परिवार नहीं चाहिए। राज्य के लोग जानते हैं कि कौन सा चेहरा वास्तविक है और कौन सा नहीं है।"
काफी संख्या में उद्धव के समर्थक मातोश्री के बाहर जमा हुए और शिंदे के विरोध में और अपने नेता (उद्धव के) समर्थन में नारे लगाये। एक सूत्र ने बताया कि उद्धव ने अपनी पार्टी के नेताओं से राज्य का दौरा करने और कार्यकर्ताओं को एकजुट करने को कहा।
शिंदे गुट और उद्धव ठाकरे गुट के बीच अपने अधिकारों को लेकर चल रही खींचतान के बीच चुनाव आयोग ने शुक्रवार को शिवसेना पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न पर अपना 78 पेज का आदेश पारित किया। उपचुनाव के दौरान, शिंदे गुट को दो तलवारें और एक ढाल चिह्न आवंटित किया गया था। जबिक उद्धव गुट को एक जलती हुई मशाल चिह्न आवंटित किया गया था।
इससे पहले दिन में, उद्धव ठाकरे ने इस मुद्दे पर भविष्य की कार्रवाई पर चर्चा करने के लिए अपनी पार्टी के नेताओं और पदाधिकारियों की बैठक बुलाई थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि UBT गुट सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकता है।