Mallikarjun Kharge को बुधवार को औपचारिक रूप से निर्वाचन पत्र सौंपा गया और इसी के साथ उन्होंने पदभार ग्रहण कर लिया
कांग्रेस के नवनिर्वाचित अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) को बुधवार को औपचारिक रूप से निर्वाचन पत्र सौंपा गया और इसी के साथ उन्होंने पदभार ग्रहण कर लिया। गांधी परिवार की मौजूदगी में खड़गे ने बुधवार को दिल्ली स्थित अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) मुख्यालय में पदभार ग्रहण किया।
पार्टी के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के प्रमुख मधुसूदन मिस्त्री ने खड़गे को निर्वाचन प्रमाणपत्र सौंपा। इस मौके पर सोनिया गांधी, राहुल गांधी, कांग्रेस के संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल, केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के सदस्य राजेश मिश्रा, अरविंदर सिंह लवली और ज्योति मणि भी मंच पर मौजूद रहे।
इनके अलावा कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य, प्रदेश कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्ष और पार्टी के कई अन्य पदाधिकारी कार्यक्रम में उपस्थित थे।
पदभार ग्रहण करने से पहले खड़गे ने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांलि अर्पित की। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू, लाल बहादुर शास्त्री, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी को भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
सोनिया गांधी बोलीं- 'बहुत राहत महसूस कर रही हूं'
खड़गे को औपचारिक रूप से कांग्रेस की कमान सौंपने के बाद पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पार्टी के सामने मौजूद चुनौतियों की चर्चा की और नए अध्यक्ष को बधाई भी दी। इस दौरान सोनिया गांधी ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे के अध्यक्ष बनने से मैं काफी राहत महसूस कर रही हूं। गांधी ने अपने सहयोग और समर्थन के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं का धन्यवाद भी किया।
आज निवर्तमान कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी जी और श्री @RahulGandhi जी एवं वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नव-निर्वाचित अध्यक्ष श्री @kharge को CEA के चेयरमैन श्री मधुसूदन मिस्त्री जी ने प्रमाण पत्र प्रदान किया।#CongressPresidentKhargepic.twitter.com/TnRLXhGtaS
उन्होंने आगे कहा कि मैं नए पार्टी अध्यक्ष खड़गे जी को बधाई देती हूं। सबसे अधिक संतोष इस बात का है कि जिन्हें अध्यक्ष चुना है वे एक अनुभवी और धरती से जुड़े हुए नेता हैं। एक साधारण कार्यकर्ता के रूप में काम करते हुए अपनी मेहनत और समर्पण से इस ऊंचाई तक पहुंचे हैं।
खड़गे ने क्या कहा?
वहीं, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष का कार्यभार संभालने के बाद मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि आज मेरे लिए बहुत भावुक क्षण है, आज एक सामान्य कार्यकर्ता को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अध्यक्ष चुनकर ये सम्मान देने के लिए आप सबका हार्दिक आभार और धन्यवाद देता हूं।
पार्टी प्रमुख ने कहा कि आज इस अवसर पर कांग्रेस के करोड़ों कार्यकर्ता की तरफ से सोनिया गांधी जी के बहुमूल्य योगदान के प्रति मैं हृदय से आभार प्रकट करना चाहूंगा। आपने कांग्रेस को रात-दिन एक करके संभाला है और आपके नेतृत्व में 2 बार UPA की सरकार बनी।
खड़गे के सामने है चुनौतियों का पहाड़
पदभार ग्रहण करने बाद खड़गे के सामने एक तरफ राजस्थान का सियासी संकट तत्काल चुनौती बनकर खड़ा है। तो अगले कुछ हफ्तों में होने जा रहे गुजरात एवं हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव भी बड़ी चुनौती हैं। वहीं, 2024 का लोकसभा चुनाव उनके लिए सबसे बड़ी अग्निपरीक्षा होगा।
गुजरात और हिमाचल प्रदेश चुनाव में कांग्रेस के बेहतर करने की उम्मीदें बड़ी चुनौती है। वहीं, राजस्थान एवं कर्नाटक में पार्टी के भीतर जारी रस्साकशी ने पार्टी की परेशानी और बढ़ा दी है। ऐसे में 2024 के आम चुनाव से पहले पार्टी को एकजुट करना खड़गे के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।
खड़गे के कार्यभार संभालने के कुछ सप्ताह बाद ही हिमाचल प्रदेश और गुजरात में होने वाले विधानसभा चुनाव उनके सामने पहली चुनौती होंगे, जहां सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) की मजबूत पकड़ है।
इस समय केवल दो राज्यों राजस्थान और छत्तीसगढ़ में ही कांग्रेस की सरकार है। इस परीक्षा के बाद 2023 में नौ राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसमें उनका गृह राज्य कर्नाटक भी शामिल है।
दलित समुदाय से ताल्लुक रखने वाले 80 वर्षीय खड़गे ने 17 अक्टूबर को हुए ऐतिहासिक चुनाव में अपने प्रतिद्वंद्वी 66 वर्षीय शशि थरूर को मात दी थी। पार्टी के 137 साल के इतिहास में छठी बार अध्यक्ष पद के लिए चुनाव हुआ था। इसमें 24 साल बाद गांधी परिवार से बाहर का कोई व्यक्ति कांग्रेस का अध्यक्ष चुना गया था।