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'मुझे भी आपको देखना अच्छा नहीं लगता' राज्यसभा में BJP सांसदों को देख कर ऐसा क्यों बोले मल्लिकार्जुन खड़गे?

मल्लिकार्जु खड़गे ने RSS पर निशाना साधते हुए कहा, "जिस दिन संविधान लागू हुआ, उस दिन इन लोगों ने रामलीला मैदान में अंबेडकर, महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू के पुतले जलाए। वे बिना शर्म के नेहरू-गांधी परिवार का अपमान करते हैं।" उन्होंने कहा, "आज भी, मनुस्मृति की भावना उनमें समाहित है, और इसके बजाय वे हम पर आरोप लगाते हैं। उन्होंने न तो तिरंगे का सम्मान किया और न ही संविधान का

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 16, 2024 पर 4:04 PM
'मुझे भी आपको देखना अच्छा नहीं लगता' राज्यसभा में BJP सांसदों को देख कर ऐसा क्यों बोले मल्लिकार्जुन खड़गे?
'मुझे भी आपको देखना अच्छा नहीं लगता' राज्यसभा में BJP सांसदों को देख कर ऐसा क्यों बोले मल्लिकार्जुन खड़गे?

राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को उच्च सदन में संबोधन दिया, इस दौरान कुछ मजेदार और हल्के-फुल्के पल भी देखने को मिले, जिसमें कांग्रेस नेता ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सहित भारतीय जनता पार्टी के सांसदों पर कटाक्ष किया। हुआ ये कि खड़गे इस बारे में बोल रहे थे कि 'कैसे जनसंघ चाहता था कि भारतीय संविधान मनुस्मृति पर आधारित हो'... वे ये बाते बीजेपी सांसदों की ओर देख कर बोल रहे थे, तभी उधर से सांसदों ने उनसे कहा कि उनके बजाय वे आसन को संबोधिक करे, तब इस पर खड़गे ने तुरंत जवाब देते हुए कहा, "मुझको भी आपको देखना अच्छा नहीं लगता।"

उन्होंने कहा, "सिर्फ एक-दूसरे पर उंगली उठाने से काम नहीं चलेगा। जनसंघ ने एक बार मनुस्मृति के कानूनों के आधार पर संविधान की संरचना करने का लक्ष्य रखा था। यही RSS की मंशा थी। तिरंगे, अशोक चक्र और संविधान का तिरस्कार करने वाले अब हमें उपदेश दे रहे हैं।"

खड़गे ने आगे कहा, "जिस दिन संविधान लागू हुआ, उस दिन इन लोगों ने रामलीला मैदान में अंबेडकर, महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू के पुतले जलाए। वे बिना शर्म के नेहरू-गांधी परिवार का अपमान करते हैं।"

उन्होंने कहा, "आज भी, मनुस्मृति की भावना उनमें समाहित है, और इसके बजाय वे हम पर आरोप लगाते हैं। उन्होंने न तो तिरंगे का सम्मान किया और न ही संविधान का, यही कारण है कि उन्होंने 26 जनवरी, 2002 को एक अदालत का आदेश लिया, ताकि RSS मुख्यालय को तिरंगे को फहराने के लिए मजबूर किया जा सके।"

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