अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी (Mukhtar Abbas Naqvi) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। नकवी 2016 से अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। नकवी ने बुधवार को नरेंद्र मोदी सरकार से इस्तीफा दे दिया। उनका राज्यसभा कार्यकाल कल 7 जुलाई को समाप्त हो रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो मोदी सरकार उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए NDA के उम्मीदवार के रूप में मुख्तार अब्बास नकवी के नाम पर विचार कर रही है।
मुख्तार अब्बास नकवी ने मंत्रीमंडल से इस्तीफा देने से पहले बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की थी। फिलहाल, नकवी के मोदी मंत्रीमंडल से इस्तीफा देने के बाद न ही अभी सरकार की ओर से कोई बयान सामने आया है और न ही उनकी तरफ से कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है। नकवी के अलावा केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
आपको बता दें कि उपराष्ट्रपति के चुनाव के लिए तारीखों का ऐलान हो गया है। इसी के साथ NDA और विपक्ष के उम्मीदवार खोजने की प्रक्रिया ने भी रफ्तार पकड़ ली है। खबर है कि सत्तारूढ़ NDA की तरफ से मुस्लिम समुदाय से आने वाले नाम चर्चाओं में बना हुआ है। राष्ट्रपति चुनाव के लिए NDA ने झारखंड की पूर्व राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू को अपना उम्मीदवार बनाया है।
सूत्रों के मुताबिक, बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश और लोगों की सेवा में नकवी के योगदान की जमकर सराहना की। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद नकवी ने पार्टी मुख्यालय में जेपी नड्डा से मुलाकात की।
मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं में क्या और किस मुद्दे पर बात हुई इस बारे में आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं बताया गया। लेकिन सूत्रों का कहना है कि इस दौरान नकवी की भावी भूमिका को लेकर चर्चा हुई। बता दें कि नकवी अभी केंद्र सरकार में अल्पसंख्यक कार्य मंत्री और राज्यसभा में बीजेपी के उपनेता थे।
राज्यसभा में उनका कार्यकाल कल 7 जुलाई यानी गुरुवार को समाप्त हो रहा है। पिछले दिनों राज्यसभा के लिए हुए चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उन्हें कहीं से उम्मीदवार नहीं बनाया था। तभी से ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि पार्टी उन्हें कोई नई भूमिका सौंप सकती है।