समाजवादी पार्टी (सपा) के संस्थापक और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) का निधन हो गया है। वह 82 साल के थे। पूर्व रक्षा मंत्री मुलायम सिंह यादव का गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में काफी दिनों से इलाज चल रहा था। उनकी हालत बेहद चिंताजनक बनी हुई थी। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने ट्वीट कर अपने पिता के निधन की जानकारी दी।
मुलायम सिंह यादव को यूरिन संक्रमण, ब्लड प्रेशर की समस्या और सांस लेने में तकलीफ के चलते पिछले दिनों गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी तबीयत लगातार नाजुक बनी हुई थी। मेदांता में एक डॉक्टरों का पैनल लगातार मुलायम सिंह यादव का इलाज कर रहा था।
हरियाणा के गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल द्वारा रविवार को स्वास्थ्य बुलेटिन जारी की गई थी। बुलेटिन में कहा गया था कि मुलायम सिंह यादव की हालत बेहद चिंताजनक है। बुलेटिन में कहा गया था कि यादव का ICU में इलाज किया जा रहा है और डॉक्टरों की एक टीम उनकी हालत पर लगातार नजर रख रही है।
82 वर्षीय मुलायम सिंह यादव का 22 अगस्त से मेदांता अस्पताल में इलाज चल रहा था जिनको दो अक्टूबर को आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया था। उन्हें लो ब्लड प्रेशर और ऑक्सीजन की कमी समेत कई गंभीर स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं थी।
पार्टी के कुछ कार्यकर्ता भी उनका हालचाल जानने के लिए अस्पताल पहुंचे। हालांकि उन्हें अस्पताल नहीं आने की सलाह दी गई थी। सपा की ओर से बार-बार अपील की जा रही थी कि लोग अस्पताल न आएं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अखिलेश यादव से बात कर उनके पिता का हालचाल पूछा था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुलायम सिंह यादव के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए लिखा, "मुलायम सिंह यादव जी ने यूपी और राष्ट्रीय राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई। वह आपातकाल के दौरान लोकतंत्र के लिए एक प्रमुख सैनिक थे।"
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ट्वीट कर लिखा, "श्री मुलायम सिंह यादव का निधन देश के लिए अपूरणीय क्षति है। साधारण परिवेश से आए मुलायम सिंह यादव जी की उपलब्धियां असाधारण थीं। ‘धरती पुत्र’ मुलायम जी जमीन से जुड़े दिग्गज नेता थे। उनका सम्मान सभी दलों के लोग करते थे। उनके परिवार-जन व समर्थकों के प्रति मेरी गहन शोक-संवेदनाएं!"
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट कर लिखा, "श्री मुलायम सिंह यादव जी ज़मीन से जुड़े एक ऐसे नेता थे जिन्होंने कई दशकों तक उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक प्रमुख भूमिका निभाई। अपने लम्बे सार्वजनिक जीवन में उन्होंने अनेक पदों पर काम किया और देश, समाज एवं प्रदेश के विकास में अपना योगदान दिया। उनका निधन बेहद पीड़ादायक है।"