केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी आमतौर पर अपनी बयानबाजी से सुर्खियों में बने रहते हैं। इस बीच महाराष्ट्र के पुणे में MIT वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी में एक पुस्तक विमोचल के दौरान एक ऐसा बयान दिया है। जिससे सियासी गलियारे में हलचल तेज हो गई है। उन्होंने कहा कि हमारे लोकतंत्र की असली परीक्षा यह है कि सत्ता में बैठा व्यक्ति अपने खिलाफ सबसे मजबूत राय को भी बर्दाश्त करे और विरोध है तो आत्ममंथन करें। गडकरी ने आगे कहा कि विचारकों, दार्शनिकों और लेखकों से बिना किसी डर के अपनी राय रखना चाहिए। उनसे यही उम्मीद की जाती है।
