Manmohan Singh Death: पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के अंतिम संस्कार में की गई व्यवस्थाओं को लेकर राजनीति अब चरम पर पहुंच गई है। केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने रविवार (29 दिसंबर) को आरोप लगाया कि गांधी परिवार ने उन कांग्रेसी नेताओं को कभी सम्मान नहीं दिया जो उसके परिवार से संबंधित नहीं हैं। जोशी ने कांग्रेस के इस आरोप को खारिज कर दिया कि केंद्र सरकार ने देश के पहले सिख प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के अंतिम संस्कार के लिए कोई ऐसा स्थान नहीं दिया जहां बाद में उनका स्मारक बनाया जा सके। जोशी ने कांग्रेस के इस आरोप को दुर्भाग्यपूर्ण एवं घटिया राजनीति बताया।
जोशी ने पीटीआई से कहा, "पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ हमारे वैचारिक और राजनीतिक मतभेदों के बावजूद वह अत्यंत सम्मानीय व्यक्ति थे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इच्छा के अनुसार सिंह का अंतिम संस्कार पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ करने के लिए हर संभव कदम उठाया।"
उन्होंने कहा, "केवल पूर्व प्रधानमंत्री (मनमोहन सिंह) ही नहीं, कांग्रेस ने एक अन्य पूर्व प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिंह राव और पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को भी उचित सम्मान नहीं दिया। अब प्रणब मुखर्जी की बेटी ने कहा है कि कांग्रेस ने उनके पिता के निधन के बाद CWC (कांग्रेस कार्यसमिति) की बैठक नहीं बुलाई।"
जोशी ने आगे कहा, "वास्तव में गांधी परिवार ने कभी उन कांग्रेस नेताओं को सम्मान नहीं दिया जिनका गांधी परिवार से संबंध नहीं हैं। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिंह राव को भारत रत्न पुरस्कार और सरदार वल्लभभाई पटेल को भी कभी उचित सम्मान नहीं दिया। गांधी परिवार को इन सब बातों पर आत्मचिंतन करना चाहिए।"
इस बीच, कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा है कि दूरदर्शन को छोड़कर किसी भी समाचार एजेंसी को अनुमति नहीं दी गई। दूरदर्शन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर ध्यान केंद्रित किया, जबकि सिंह के परिवार को बमुश्किल कवर किया। इस पर वरिष्ठ बीजेपी नेता और प्रवक्ता अमित मालवीय ने आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि रक्षा मंत्रालय की समारोहों को कवर करने में कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने कहा, "अतीत में भी केवल डीडी ने ही कवरेज किया है। एंट्री पर प्रतिबंध सुरक्षा एजेंसियों द्वारा लगाया जाता है। राष्ट्रीय समारोह भी केवल डीडी द्वारा ही कवर किए जाते हैं।"
खेड़ा द्वारा किया गया एक और दावा यह था कि दिवंगत कांग्रेस के दिग्गज के परिवार के लिए आगे की लाइन में केवल तीन कुर्सियां रखी गई थीं। उन्होंने आरोप लगाया, "कांग्रेस नेताओं को उनकी बेटियों और परिवार के अन्य सदस्यों के लिए सीटों पर जोर देना पड़ा।"
मालवीय ने इसका जवाब देते हुए कहा कि अंतिम संस्कार स्थल पर बैठने की व्यवस्था दिल्ली पुलिस के एडवाइजरी से केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) द्वारा की जाती है। उन्होंने कहा, "उपलब्ध स्थान के अनुसार, आगे की पंक्ति में सीटों की संख्या अधिकतम रखी गई थी। पहली पंक्ति में परिवार के सदस्यों के लिए पांच सीटें निर्धारित की गई थीं। इन पर श्रीमती मनमोहन सिंह और उनकी तीन बेटियां बैठी थीं। शेष 20 सीटें संवैधानिक अधिकारियों के लिए थीं, जिन्हें पुष्पांजलि अर्पित करनी थी, जैसे कि भारत के राष्ट्रपति, भूटान के राजा, प्रधानमंत्री, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, कैबिनेट मंत्री, विपक्ष के नेता और सेवा प्रमुख आदि।"