One Nation One Election: 'एक देश, एक चुनाव' के लिए कमेटी का गठन, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद होंगे अध्यक्ष

One Nation One Election: देशभर में राज्य और लोकसभा का चुनाव एक साथ ही कराने को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने "एक देश, एक चुनाव" की संभावनाएं तलाशने के लिए पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (former President Ram Nath Kovind) की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया है

अपडेटेड Sep 01, 2023 पर 11:22 AM
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One Nation One Election: समिति की योजना कानूनी और राजनीतिक दोनों तरह की राय लेने की है

One Nation One Election: देशभर में राज्य और लोकसभा का चुनाव एक साथ ही कराने को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने "एक देश, एक चुनाव" की संभावनाएं तलाशने के लिए पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (former President Ram Nath Kovind) की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया है। समिति का उद्देश्य 'एक देश, एक चुनाव' की अवधारणा को लागू करने की संभावनाओं की जांच करना है। हालांकि, विपक्षी पार्टियों ने इस कदम की आलोचना करते हुए इसे "अव्यावहारिक" और "विपक्षी दलों" को खत्म करने वाला बताया है।

बता दें कि सरकार द्वारा 18 सितंबर से 22 सितंबर तक संसद का विशेष सत्र बुलाए जाने के एक दिन बाद यह कदम सामने आया है। सरकार ने हालांकि संसद के विशेष सत्र का एजेंडा घोषित नहीं किया है। यह समिति 'एक देश, एक चुनाव' कराए जाने के मुद्दे पर विचार करने के बाद अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

इसके बाद ही यह तय होगा कि आने वाले समय में क्या देशभर में सरकार लोकसभा चुनाव के साथ ही सभी राज्यों में विधानसभा के चुनाव कराने की तैयारी करेगी या नहीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने पर कई साल से दृढ़ता से जोर दे रहे हैं। इस संबंध में संभावनाओं पर विचार का जिम्मा कोविंद को सौंपने का निर्णय, चुनाव संबंधी अपने दृष्टिकोण के विषय में सरकार की गंभीरता को रेखांकित करता है।


क्या करेगी कमेटी?

समिति की योजना कानूनी और राजनीतिक दोनों तरह की राय लेने की है। पूर्व राष्ट्रपति के अलावा दो रिटायर्ड जज भी समिति में शामिल हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) भी इस समिति का हिस्सा होंगे। ऐसा इसलिए है क्योंकि प्रस्तावित परिवर्तनों में कई संवैधानिक संशोधन शामिल है।

नवंबर-दिसंबर में पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसके बाद अगले साल मई-जून में लोकसभा चुनाव हैं। सरकार के इस कदम से आम चुनाव एवं कुछ राज्यों के चुनाव को आगे बढ़ाने की संभावनाएं भी खुली हैं, जो लोकसभा चुनावों के बाद में या साथ होने हैं। वर्तमान में राज्यों के चुनाव और आम यानी लोकसभा (संसदीय) का चुनाव अलग-अलग कराए जाते हैं।

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'एक देश-एक चुनाव' का मतलब है कि देश में होने वाले सारे चुनाव एक साथ ही करा लिए जाएं। फिलहाल, हर राज्य में हर पांच साल में विधानसभा के चुनाव होते हैं। इसी तरह हर पांच साल के दौरान संसद के निचले सदन यानी लोकसभा के भी चुनाव होते हैं। अगर 'एक देश, एक चुनाव' प्रस्ताव कानून बन जाता है, तो सभी राज्यों के चुनाव लोकसभा चुनावों के साथ ही होंगे।

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