भारतीय जनता पार्टी (BJP) के तीन सांसद बृहस्पतिवार को उस समय चर्चा में आ गए जब राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) और कांग्रेस के सांसदों के बीच संसद भवन के गेट पर धक्का-मुक्की हुई। हंगामे के दौरान जहां बीजेपी के लोकसभा सदस्य प्रताप सारंगी और मुकेश राजपूत घायल हो गए, वहीं, नगालैंड से पार्टी की राज्यसभा सदस्य फान्गॉन कोन्याक ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी उनके ‘‘बहुत करीब आ गए’’ और ‘‘वह बहुत असहज महसूस करने लगीं।’’ कोन्याक ने यह भी दावा किया कि राहुल ने उन पर ‘चिल्लाना शुरू कर दिया।’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रताप सारंगी और मुकेश राजपूत को फोन कर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली।
आइए जानते हैं ये तीनों सांसद कौन हैं:
69 साल के BJP नेता प्रताप सारंगी ओडिशा के बालासोर लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं। सारंगी दो बार, 2004 से 2009 तक और 2009 से 2014 तक, नीलगिरी निर्वाचन क्षेत्र से ओडिशा विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए।
सारंगी ने 2014 में बालासोर से लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गए थे। हालांकि, उन्होंने 2019 में उसी निर्वाचन क्षेत्र से बीजू जनता दल (BJD) के उम्मीदवार और तत्कालीन सांसद रवींद्र कुमार जेना को 12,000 से ज्यादा वोटों के अंतर से हराया।
नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के दूसरे कार्यकाल में वह सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) और पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य पालन राज्य मंत्री थे।
वह 2019 में तब चर्चा में आए थे, जब दिल्ली के लिए रवाना होने से पहले फूस के घर में उनके बैग पैक करने की तस्वीरें ‘X’ पर सामने आईं थीं।
उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद से लगातार तीसरी बार सांसद निर्वाचित 55 साल के राजपूत को राज्य के प्रमुख लोध नेताओं में गिना जाता है।
राजपूत 2014 में तत्कालीन सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद को हराकर एक बड़े नेता के रूप में उभरे थे। उस चुनाव में खुर्शीद चौथे नंबर पर रहे थे। पांच साल बाद राजपूत ने बहुजन समाज पार्टी (BSP) के उम्मीदवार मनोज अग्रवाल और खुर्शीद को हराया। इस बार खुर्शीद दूसरे नंबर पर रहे।
इस साल हुए लोकसभा चुनाव में राजपूत ने फिर जीत हासिल की, लेकिन इस बार उन्होंने समाजवादी पार्टी (SP) के नवल किशोर शाक्य को मात्र 2,000 मतों के मामूली अंतर से हराया।
कोन्याक ने 25 जुलाई, 2023 को राज्यसभा की पीठासीन अधिकारी के रूप में कार्यवाही का संचालन करने वाली नगालैंड की पहली महिला बनकर इतिहास रच दिया। राज्यसभा ने पिछले साल 17 जुलाई को उन्हें उपाध्यक्षों के पैनल में नामित किया था।
कोन्याक नगालैंड से राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने वाली पहली महिला और संसद या राज्य विधानसभा के किसी भी सदन के लिए चुनी जाने वाली राज्य की दूसरी महिला हैं।