Rahul gandhi News: दिल्ली में पांच फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जुड़े मानहानी मामले में बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने अमित शाह के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि मामले में निचली अदालत की कार्यवाही पर सोमवार को रोक लगा दी है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ता नवीन झा ने अमित शाह के खिलाफ कथित टिप्पणी के लिए 2019 में राहुल गांधी के विरुद्ध मामला दर्ज कराया था।
दरअसल, 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले चाईबासा में अपने एक भाषण के दौरान राहुल गांधी ने कथित तौर पर गृह मंत्री अमित शाह के लिए 'हत्यारा' शब्द का इस्तेमाल किया था। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने राहुल गांधी की अपील पर झारखंड सरकार और बीजेपी नेता नवीन झा को नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा है। पीठ ने कहा, "नोटिस जारी किया जाए। अगले आदेश तक मुकदमे की आगे की कार्यवाही पर रोक रहेगी।"
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान राहुल गांधी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक सिंघवी ने कहा कि ऐसे कई फैसले हैं जिनमें कहा गया है कि केवल पीड़ित व्यक्ति ही आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज करा सकता है। उन्होंने दलील दी कि मानहानि की शिकायत किसी 'प्रॉक्सी थर्ड पार्टी' द्वारा दायर नहीं की जा सकती। बीजेपी नेता झा की ओर से वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी पेश हुए थे।
राहुल गांधी ने झारखंड हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी है। हाई कोर्ट ने निचली अदालत में राहुल गांधी के खिलाफ जारी कार्यवाही को रद्द करने का अनुरोध करने वाली उनकी याचिका खारिज कर दी थी। कांग्रेस नेता ने मजिस्ट्रेट अदालत के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें उन्हें मुकदमे के लिए व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का निर्देश दिया गया था।
बाद में राहुल गांधी ने हाई कोर्ट का रुख किया, जिसने निचली अदालत में उनके खिलाफ आगे की किसी भी कार्रवाई पर रोक लगा दी। शिकायतकर्ता और गवाहों के बयान दर्ज करने के बाद मजिस्ट्रेट ने पाया कि राहुल गांधी के खिलाफ मामला बनता है और उन्हें चार फरवरी 2023 को निचली अदालत में पेश होने का निर्देश दिया।
बाद में, हाई कोर्ट ने मजिस्ट्रेट द्वारा जारी नोटिस पर रोक लगाते हुए आदेश दिया कि राहुल गांधी के खिलाफ कोई भी दंडात्मक कदम नहीं उठाया जाए। सिंघवी ने सोमवार (20 जनवरी) को सुप्रीम कोर्ट के सामने दलील दी कि कई फैसलों के अनुसार केवल वही व्यक्ति आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कर सकता है जो वास्तव में मानहानि का शिकार हुआ हो।