कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने भारत की सीमा पर चीनी गतिविधियों को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा कि चीन भविष्य में शत्रुतापूर्ण कार्रवाई की नींव बना रहा है। इसकी अनदेखी कर सरकार भारत के साथ विश्वासघात कर रही है।
राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में अमेरिका के आर्मी पैसिफिक के कमांडिंग जनरल चार्ल्स ए. फ्लिन की उस टिप्पणी का जिक्र किया है जिसमें उन्होंने भारत से लगी सीमा पर बढ़ते चीनी इंफ्रास्ट्रक्चर को चौंकाने वाला बताया था। राहुल गांधी ने ट्वीट कर लिखा, "चीन भविष्य में दुश्मनी भरी कार्रवाई के लिए अपनी बुनियाद मजबूत कर रहा है। इसकी अनदेखी कर सरकार भारत के साथ विश्वासघात कर रही है।"
दरअसल, भारत यात्रा पर आए फ्लिन ने बुधवार को नई दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए कहा था कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) का अस्थिर और कटू व्यवहार मददगार नहीं है। उन्होंने कहा कि और भारत से लगती अपनी सीमा के निकट चीन द्वारा स्थापित किए जा रहे कुछ रक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर चिंताजनक हैं।
उन्होंने कहा था कि मुझे लगता है कि (चीनी सेना की) पश्चिमी थिएटर कमान में जो कुछ इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है, वह चिंताजनक है। हालांकि, चीन ने भारत से लगी सीमा पर रक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित करने को लेकर अमेरिकी जनरल की आलोचनात्मक टिप्पणियों को गुरुवार को ''निंदनीय'' करार दिया।
चीन ने अमेरिका को ''आग में घी डालने'' वाला बताया
साथ ही चीन ने ''आग में घी डालने'' डालने की कुछ अमेरिकी अधिकारियों की कोशिशों की आलोचना की। उसने कहा कि चीन तथा भारत के पास वार्ता के जरिए उचित तरीके से अपने मुद्दों को सुलझाने की ''इच्छाशक्ति और क्षमता'' है।
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने एक प्रेस कॉन्फेंस के दौरान अमेरिकी सेना के प्रशांत क्षेत्र के कमांडिंग जनरल चार्ल्स ए. फ्लिन की टिप्पणियों के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में यह बात कही।
झाओ ने कहा कि यह सीमा विवाद चीन और भारत के बीच है। दोनों पक्षों के पास वार्ता के जरिए उचित तरीके से मुद्दे के समाधान के लिए इच्छाशक्ति और क्षमता है। झाओ ने कहा कि कुछ अमेरिकी अधिकारी आग में घी डाल रहे हैं और उंगलियां उठा रहे हैं। यह निंदनीय है। हम उम्मीद करते हैं कि वे क्षेत्रीय शांति व स्थिरता में योगदान के लिए ज्यादा काम करेंगे।
उन्होंने दोहराया कि पूर्वी लद्दाख में स्थिति ''स्थिर'' हो रही है, जहां दोनों पक्षों के बीच दो साल से अधिक समय से सैन्य गतिरोध देखा गया है। झाओ ने कहा कि कुल मिलाकर वहां स्थिति स्थिर हो रही है और दोनों देशों के बलों ने पश्चिमी खंड के अधिकांश क्षेत्रों में पीछे हटने की जरूरत महसूस की है।