राजस्थान: अचानक कहां गायब हो गई 'लाल डायरी'? शुरू हुआ एक नया घमासान, अशोक गहलोत और राजेंद्र गुढा के बीच की लड़ाई को भुनाने में जुटी BJP

गुढ़ा का दावा है कि वे इस डायरी को तीन साल पहले जयपुर में हुई IT और ED की छापेमारी के दौरान बचाकर लाए थे। मजेदार बात ये है कि अब वो 'लाल डायरी' लापता है और किसी को मालूम नहीं है कि असली वाली अब कहां है। विपक्ष में बैठी बीजेपी अब लाला डायरी के मुद्दे को भुनाने में लग गई है, जिसे लेकर पार्टी ने राज्य भर में होर्डिंग्स और कट-आउट लगा कर एक बड़े कैंपने की शुरुआत कर दी है

अपडेटेड Jul 25, 2023 पर 2:37 PM
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राजस्थान: अचानक कहां गायब हो 'लाल डायरी'? शुरू हुआ एक नया घमासान

राजस्थान की राजनीति (Rajasthan Politics) में एक बार फिर घमासान शुरू हो गया है। इस बार के राजनीतिक युद्ध में एक तरफ मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) हैं, तो दूसरी तरफ कभी उनके वाफादार रहे विधायक राजेंद्र सिंह गुढ़ा (Rajendra Gudha) हैं। इस दौरान सबसे ज्यादा चर्चा है, तो एक लाल डायरी (Red Dairy) की, जिसे लेकर ऐसे दावे किए जा रहे हैं कि इसमें गहलोत सरकार के कई गहरे राज हैं। गुढ़ा का दावा है कि वे इस डायरी को तीन साल पहले जयपुर में हुई IT और ED की छापेमारी के दौरान बचाकर लाए थे।

मजेदार बात ये है कि अब वो 'लाल डायरी' लापता है और किसी को मालूम नहीं है कि असली वाली अब कहां है। विपक्ष में बैठी बीजेपी अब लाला डायरी के मुद्दे को भुनाने में लग गई है, जिसे लेकर पार्टी ने राज्य भर में होर्डिंग्स और कट-आउट लगा कर एक बड़े कैंपने की शुरुआत कर दी है।

राजस्थान के पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा का दावा है कि लाल डायरी जो उनके पास है, उसमें कांग्रेस सरकार के दौरान किए गए कथित भ्रष्टाचारों से जुड़े कई चौंकाने वाले राज दफन हैं। इसमें राज्यसभा चुनाव और साल 2020 के राजनीतिक संकट के दौरान कैसे विधायकों की 'खरीद-फरोख्त' हुई, ये जानकारियां भी दर्ज हैं।

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गुढ़ा का दावा है कि 2020 में कांग्रेस नेता धर्मेंद्र राठौड़ के फ्लैट पर छापेमारी के दौरान गहलोत ने उनसे डायरी लाने के लिए कहा था और वह डायरी वापस लेने के लिए दो और नेताओं के साथ वहां गए थे।

गुढ़ा ने कहा, यह राठौड़ ही हैं जिन्होंने डायरी लिखी थी। लेकिन जब गुढ़ा इस डायरी को लेकर राज्य विधानसभा में सदन के पटल पर रखने की कोशिश में पहुंचे, तो उनके साथ हाथापाई हुई। गुढ़ा का कहना है कि एक और कांग्रेस नेता रफीक खान ने उनसे डायरी छीन ली।

अब BJP पूछ रही है कि क्या रफीक खान के पास वो डायरी है? जबकि खान इससे साफ इनकार कर रहे हैं।

दूसरी तरफ गुढ़ा ने भी अब खुद उलझन में डाल लिया है- क्योंकि उन्होंने पहले कहा कि डायरी जल गई और फिर दावा किया कि उनके पास इसकी एक कॉपी मौजूद है। हालांकि, कांग्रेस ऐसे सभी दावों को झूठ और प्रोपेगेंडा करार दे रही है।

सवाल जिनके नहीं मिले जवाब

अब सबसे पहला सवाल तो यही है कि जिस फ्लैट पर 2020 में IT और ED की रेड चल रही थी, ऐसे में वहां से गुढा ने डायरी कैसे हासिल कर ली। ये वही साल था, जब राजस्थान में सियासी घमासन भी अपने चरम पर था।

एक दावा ये भी है कि गुढा ने ये डायरी घर्मेंद्र राठौड़ के फ्लैट से तब निकाली, जब उसे सेंट्रल एजेंसी ने सीज कर दिया था। अब ये उलझन में डालने वाला है कि केंद्रीय एजेंसी नजरों से बचते हुए, आखिर गुढा ने ऐसे कैसे कर लिया।

अब बीजेपी चाहती है कि ED और IT 'डायरी गायब' होने की घटना पर कोई एक्शन जरूर ले।

दूसरी तरफ कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि जिस डायरी की बात की जा रही है, गुढा उसे लेकर पिछले तीन सालों चुप्पी साधकर क्यों बैठे थे और हाल में मंत्री पद से हठाए जाने के बाद ही वह अशोक गहलोत पर इस तरह के आरोप क्यों लगा रहे हैं।

गुढा ने विधानसभा में महिला पर हो रहे अत्याचार को लेकर अपनी सरकार पर सवाल खड़े कर दिए थे, जिसके बाद उन्हें राज्य मंत्री के पद से बर्खास्त कर दिया गया था।

कांग्रेस का आरोप है कि रेड डायरी स्टोरी ये साबित करती है कि गुढा बीजेपी के संपर्क में हैं और उसके इशारों पर ही ऐसा कर रहे हैं। गुढा को फिलहाल विधानसभा से सस्पेंड कर दिया है, लेकिन उन्होंने हर रोज इसी तरह के नए खुलासे करने का दावा भी किया है।

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