Ram Mandir Inauguration: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने मंगलवार को अयोध्या (Ayodhya) में हनुमान गढ़ी (Hanuman Garhi) और राम लला (Ram Lala) के दर्शन-पूजन कर लोक कल्याण की कामना की। राम मंदिर प्रतिष्ठा समारोह से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या का निरीक्षण किया। सीएम आदित्यनाथ हाल ही में उद्घाटन किए गए महर्षि वाल्मिकी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरे। यूपी के सीएम ने मंगलवार को राम मंदिर 'गर्भ गृह' के साथ-साथ हनुमानगढ़ी मंदिर में भी पूजा-अर्चना की।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि नए साल में मंगलवार को रामनगरी की पहली यात्रा पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामलला और हनुमानगढ़ी के दर्शन-पूजन किए। योगी आदित्यनाथ सबसे पहले हनुमानगढ़ी गए और वहां दर्शन-पूजन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री रामलला के दरबार में गए और वहां शीश नवाया।
मुख्यमंत्री ने यहां प्रदेशवासियों के सुखी-स्वस्थ जीवन की प्रार्थना की। इसके पहले मुख्यमंत्री ने 29 दिसंबर को यहां पूजा-अर्चना किया था।
नए साल में योगी आदित्यनाथ ने रामनगरी की यात्रा के दौरान विकास से जुड़ी योजनाओं-परियोजनाओं का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने राममंदिर से जुड़े कार्यों का अवलोकन भी किया।
22 जनवरी, 2024 को होने वाले महत्वपूर्ण अभिषेक समारोह के लिए मेहमानों को 8,000-10,000 से ज्यादा निमंत्रण दिए गए हैं। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने भीड़-भाड़ को रोकने के लिए भक्तों से 22 जनवरी को मंदिर शहर अयोध्या का दौरा करने से बचने की अपील की है।
पीएम मोदी ने कहा, "भक्तों के रूप में, हम भगवान राम के लिए कोई समस्या पैदा नहीं करना चाहेंगे। आप सभी 23 जनवरी से अनंत काल तक आ सकते हैं। राम मंदिर अब हमेशा-हमेशा के लिए है।"
22 जनवरी को राम मंदिर उद्घाटन के लिए तैयारियां जोरों पर चल रही हैं, जिसमें गणमान्य व्यक्ति और सभी क्षेत्रों के लोग शामिल होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 जनवरी को भव्य मंदिर में रामलला की मूर्ति की स्थापना में शामिल होने के लिए तैयार हैं।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 22 जनवरी को दोपहर में राम मंदिर के गर्भगृह में राम लला को विराजमान करने का निर्णय लिया है। भगवान राम की जन्मस्थली अयोध्या भारत के लोगों के लिए महान आध्यात्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व रखती है। ट्रस्ट ने समारोह के लिए सभी संप्रदायों के 4,000 संतों को भी आमंत्रित किया है।