Sandeshkhali Violence: कलकत्ता हाई कोर्ट (Calcutta High Court) ने बुधवार (6 मार्च) को पश्चिम बंगाल सरकार से कहा कि वह संदेशखाली मामले के मुख्य आरोपी शाहजहां शेख (Shahjahan Sheikh) को आज यानी बुधवार (6 मार्च) शाम चार बजकर 15 तक तुरंत केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दे। इसके साथ ही कोर्ट ने राज्य सरकार को अवमानना नोटिस भी जारी किया है। हाई कोर्ट ने ममता सरकार से दो हफ्ते में हलफनामा दाखिल कर यह बताने को कहा है कि वे अवमानना के लिए जिम्मेदार क्यों नहीं होंगे।
हाई कोर्ट ने एक बार फिर बंगाल सरकार को निर्देश दिया कि वह ED अधिकारियों पर हमला करने के मामले की जांच CBI को तुरंत ट्रांसफर करे और शाहजहां शेख को शाम चार बजकर 15 मिनट तक केंद्रीय एजेंसी के सुपुर्द करे। प्रवर्तन निदेशालय ने कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। ED ने कहा कि पश्चिम बंगाल पुलिस शाहजहां शेख से जुड़े मामले में एजेंसी के साथ सहयोग नहीं कर रही है।
ED ने बंगाल पुलिस पर असहयोग का आरोप लगाया और अदालत से उन्हें अवमानना के दायरे में रखने का आग्रह किया। जस्टिस हरीश टंडन और जस्टिस हिरण्मय भट्टाचार्य की खंडपीठ ने प्रवर्तन निदेशालय को पश्चिम बंगाल सरकार के खिलाफ अवमानना याचिका दायर करने की अनुमति दे दी।
हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह संदेशखाली में प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों पर हमले के मामले को सीबीआई को ट्रांसफर करने और मुख्य आरोपी शाहजहां शेख को केंद्रीय एजेंसी को सौंपने के उसके मंगलवार के आदेश को तुरंत लागू करे।
ED ने राज्य सरकार के खिलाफ जस्टिस हरीश टंडन की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष एक अवमानना याचिका दायर की। एजेंसी ने दावा किया गया कि राज्य सरकार ने चीफ जस्टिस टीएस शिवगणनम की अध्यक्षता वाली पीठ के मंगलवार के आदेशों को लागू नहीं किया है।
अदालत ने कहा किया कि राज्य ने दलील दी है कि उसने मंगलवार के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट के समक्ष विशेष अनुमति याचिका दायर की है, लेकिन जबतक शीर्ष अदालत आदेश पारित नहीं करती तब तक उसके आदेशों के कार्यान्वयन पर कोई अंतरिम रोक नहीं लगाई गई है।
ED की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा कि एसएलपी के लंबित रहने पर हाई कोर्ट के आदेश तब तक रोक नहीं है जब तक कि इस आशय का कोई स्पष्ट आदेश न हो। उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार शेख की हिरासत सीबीआई को देने से इनकार करने की कोशिश कर रही है।
ED अधिकारियों की टीम पर 5 जनवरी को उस समय हमला किया जब वह राशन घोटाले से मामले की जांच के लिए संदेशखाली स्थित शेख के आवास पर गई थी। शेख को 29 फरवरी को पश्चिम बंगाल पुलिस ने ईडी अधिकारियों पर हमले के मामले में गिरफ्तार किया था। इसके बाद राज्य पुलिस ने मामले की जांच CID को सौंप दी।