कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के उस्मानिया यूनिवर्सिटी में 7 मई को होने वाले कार्यक्रम पर अब तेलंगाना हाईकोर्ट ने भी रोक लगा दी है। यूनिवर्सिटी में राहुल गांधी के कार्यक्रम को अनुमति देने से हाई कोर्ट ने इनकार कर दिया है। अदालत ने कहा है कि यूनिवर्सिटी कैंपस का इस्तेमाल राजनीतिक प्लेटफॉर्म के तौर पर नहीं किया जाना चाहिए। इससे पहले यूनिवर्सिटी प्रशासन ने भी कांग्रेस नेता को इजाजत देने से इनकार कर दिया था।
तेलंगाना हाई कोर्ट ने बुधवार को वह याचिका खारिज कर दी जिसमें 7 मई को कैंपस में राहुल गांधी के साथ छात्रों का एक संवाद सत्र आयोजित करने की अनुमति देने से यूनिवर्सिटी के इनकार किए जाने को चुनौती दी गई थी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और अन्य ने उस्मानिया यूनिवर्सिटी की तरफ से संवाद सत्र आयोजित करने की अनुमति के लिए उनके आवेदन को अस्वीकार किए जाने को चुनौती दी थी।
यूनिवर्सिटी के दायर याचिका खारिज
यूनिवर्सिटी प्रशासन के फैसले के बाद कांग्रेस के प्रवक्ता मानवथा रॉय और यूनिवर्सिटी के कुछ छात्रों ने कैंपल में गांधी के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर उनके आवेदन को अस्वीकृत किए जाने को चुनौती देते हुए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। रॉय याचिकाकर्ताओं में से एक थे। यूनिवर्सिटी के फैसले को बरकरार रखते हुए तेलंगाना हाई कोर्ट के जस्टिस बी विजयसेन रेड्डी ने याचिका खारिज कर दी। हाई कोर्ट ने कहा कि यूनिवर्सिटी कैंपस को राजनीतिक प्लेटफॉर्म के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।
यूनिवर्सिटी ने नहीं दी अनुमति
इससे पहले, यूनिवर्सिटी ने विभिन्न कारणों से आयोजन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। प्रशासन ने पिछले साल यूनिवर्सिटी के कार्यकारी परिषद द्वारा कैंपस में किसी भी राजनीतिक गतिविधि की अनुमति नहीं देने के पारित प्रस्ताव का हवाला दिया था। एक अधिकारी ने कहा था इसके अलावा, कुछ कर्मचारी एसोसिएशन के चुनाव निर्धारित हैं, कुछ पाठ्यक्रमों के लिए परीक्षाएं चल रही है।
उन्होंने कहा कि छात्रों का एक वर्ग राज्य सरकार द्वारा हाल ही में घोषित भर्ती परीक्षाओं की तैयारी भी कर रहा है। याचिकाकर्ताओं ने दलील दी थी राहुल गांधी राष्ट्र निर्माण के उद्देश्य से यूनिवर्सिटी के छात्रों के साथ-साथ बेरोजगार युवाओं से मिलना चाहते हैं और कानून एवं व्यवस्था से जुड़ी कोई दिक्कत उत्पन्न होने की कोई संभावना नहीं है।