Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या में 'रामलला' वापस लौट रहे हैं। 22 जनवरी को श्रीराम जन्मभूमि पर निर्माणाधीन राम मंदिर (Ram Temple) में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है। इसके चलते देश में आस्था और अध्यात्म की नगरी कहा जाने वाला उत्तर प्रदेश का अयोध्या, तेजी से ग्लोबल इनवेस्टमेंट डेस्टिनेशन बनता जा रहा है। यह शहर सिर्फ ऐतिहासिक राम मंदिर के निर्माण का गवाह नहीं बन रहा है, बल्कि इसके निवासी बड़े बदलाव देखने वाले हैं। अयोध्या में भविष्य की संभावनाएं भांपते हुए ब्रिटिश समूह ट्राफलगर स्क्वायर कैपिटल (Trafalgar Square Capital) ने अयोध्या में 75,000 करोड़ रुपये का बड़ा निवेश किया है।
यह विशाल निवेश अयोध्या में अत्याधुनिक डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स लगाने के लिए किया गया है। यह भारत में किसी एक जिले में अब तक का सबसे बड़ा निवेश है। ट्राफलगर स्क्वायर कैपिटल और स्थानीय अधिकारियों के बीच 5 समझौतों (एमओयू) पर साइन किए गए हैं। इन समझौतों से औद्योगिक विकास के लिए वैश्विक गंतव्य के रूप में अयोध्या की स्थिति मजबूत हो गई।
ट्राफलगर स्क्वायर कैपिटल, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) पॉलिसी के तहत उत्तर प्रदेश में अच्छी दिलचस्पी दिखाने वाली प्रमुख मल्टीनेशनल कंपनियों में से एक है। इस लिस्ट में हांगकांग स्थित Taushan International Group, आरजी ग्रुप, ऑस्टिन कंसल्टिंग ग्रुप, कॉसिस ग्रुप, इंडो यूरोपियन चैंबर ऑफ स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेस, एबीसी क्लीनटेक और जर्मनी की यूनिकॉर्न एनर्जी भी शामिल हैं।
आर्थिक रूप से होगा बड़ा असर
ट्राफलगर स्क्वायर कैपिटल के महत्वाकांक्षी उद्यम के लिए अयोध्या को चुने जाने से इस क्षेत्र के आर्थिक परिदृश्य पर गहरा प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स लगाने के लिए 75000 करोड़ रुपये का अभूतपूर्व निवेश, औद्योगिक क्षेत्र में एक प्रमुख खिलाड़ी और वैश्विक निवेशकों के लिए एक चुंबक के तौर पर अयोध्या के उभरने का प्रमाण है। उत्तर प्रदेश के उद्योग मंत्री, नंद गोपाल नंदी के अनुसार, “ट्राफलगर स्क्वायर कैपिटल का यह विशाल निवेश अयोध्या और पूरे राज्य के लिए एक गेम-चेंजर है। यह उत्तर प्रदेश की व्यापार-अनुकूल नीतियों और औद्योगिक विकास के लिए रणनीतिक दृष्टिकोण में निवेशकों का विश्वास दर्शाता है।" उन्होंने कहा कि अयोध्या न केवल एक सांस्कृतिक और धार्मिक केंद्र है, बल्कि अब एक आर्थिक महाशक्ति बन रहा है, जो विश्व की प्रमुख कंपनियों को आकर्षित कर रहा है।
अयोध्या के विकास को मिली गति
समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत से परिपूर्ण शहर अयोध्या में कई मेगा-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट या तो शुरू हो चुके हैं या शुरू हो रहे हैं। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी आरपी यादव का कहना है कि इस प्रगति की प्रमुख पहलों में से एक उत्तर प्रदेश आवास और विकास बोर्ड द्वारा 1,200 एकड़ में फैली एक नई टाउनशिप का निर्माण है। इस विस्तृत प्रोजेक्ट में एक पावर स्टेशन, एक यात्री सुविधा केंद्र, बहुस्तरीय पार्किंग सुविधाएं और कई होटल शामिल हैं। यादव के मुताबिक, इन सभी प्रोजेक्ट्स पर काम अपने अंतिम चरण में है, जो हमें एक आधुनिक और अच्छी तरह से सुसज्जित शहरी स्थान की प्राप्ति के करीब लाता है।
इतना ही नहीं अयोध्या में 30 बड़े होटलों को भी मंजूरी मिल चुकी है। इनमें से 3 ने पहले से ही परिचालन शुरू कर दिया है। शेष होटलों का निर्माण चल रहा है। महत्वाकांक्षी लक्ष्य अयोध्या में 400 नए होटल बनाने का है। प्रसिद्ध ताज समूह ने शहर में 5-सितारा होटल शुरू करने में रुचि व्यक्त की है।
अयोध्या के प्रमुख डेवलपमेंट प्रोजेक्ट
अयोध्या में हो रहे इस विकास का प्रभाव रियल एस्टेट बाजार में स्पष्ट है। जमीन की कीमतों में बड़ी वृद्धि हुई है। 2020 में हुए राम मंदिर के भूमिपूजन के बाद अयोध्या में जमीन की कीमतें आसमान छू रही हैं और 12 से 20 गुना तक बढ़ गई हैं। अयोध्या के स्टांप और रजिस्ट्रेशन विभाग की रिपोर्ट है कि चौदह कोसी परिक्रमा के आसपास 1,350 वर्ग फीट जमीन की कीमत 4 लाख रुपये से बढ़कर लगभग 65 लाख रुपये हो गई है। राम जन्मभूमि पथ, भक्ति पथ और रामपथ कॉरिडोर जैसे प्रमुख क्षेत्रों के पास खाली जमीन के मामले में भी यह ट्रेंड देखने को मिला है।