Ram Mandir Inauguration: अयोध्या (Ayodhya) के राम मंदिर में 22 जनवरी को होने वाले श्री राम लला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले पूरे शहर को सजाने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास जारी हैं। शहर को सुंदर बनाने और आने वाले लोगों को दिव्य अनुभव देने के लिए यहां के लोग और सरकारी अधिकारी एकजुट हो गए हैं। अयोध्या विकास प्राधिकरण ने राम मंदिर (Ram Mandir) तक जाने वाली तीन मुख्य सड़कों, राम पथ, भक्ति पथ और जन्मभूमि पथ पर दुकानों और घरों को एक ही जैसे रूप में विकसित किया गया है।
न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, अयोध्या के जिलाधिकारी नीतीश कुमार ने बताया, "देखिए जब ये राम पथ का निर्माण चालू हुआ, तो रोड वाइंडिंग जब की गई तो बहुत सारी दुकानें, बहुत सारे घरों को हमने खरीदा, अधिग्रहण किया और वहां पर फिर डेमोलिशन किए, जिसके बाद अब उसको रिडेवलप करने की बात आई, तो ये एहसास हम लोगों को हुआ कि अगर हम लोग इनको छोड़ देंगे और प्रॉपर्टी मालिकों को स्वयं स्वतंत्रता दी जाएगी कि वो उसको रिडेवलप करें, तो बहुत बेतरतीब ढंग से बनाने की संभावना रहेगी और हम जो एकरूपता चाहते थे, वो नहीं आएगी और जो सुंदर शहर दिख सकता है, वो नहीं दिखेगा।"
इमारतों की बाहरी दीवारों के रंग में एकरूपता के साथ-साथ दुकानों के शटर पर भी भगवान राम से जुड़े चित्रों को बनाया गया है।
'ये हमें एक अलग फीलिंग देता है'
अयोध्या निवासी रोहित जायसवाल कहते हैं, "जो ये चिन्ह है, ये हमारे राम भगवान हैं, उनसे जुड़ी हुई ये चीज है। हम लोग जब अयोध्या में प्रवेश करते हैं, तो ये हमें एक अलग फीलिंग देता है कि हम हैं राममय..., मतलब अयोध्या पहुंचने से पहले वो फीलिंग आ जाती है कि हम अयोध्या में आ चुके हैं, प्रवेश कर चुके हैं। इसलिए वो देखने में भी अच्छा लगता है और ये अंदर जाने से पहले भक्तिमय भी हो जाता है।"
अयोध्या के लोगों का मानना है कि ये पहल शहर की सुंदरता को बढ़ाएगी और शहर में आने वाले भक्तों को एक अलग अनुभव देगी।
एक निवासी प्रतिमा शर्मा ने कहा, "इतना अच्छा काम किसी ने नहीं किया। साफ-सफाई की व्यवस्था। अब मंदिर बनने के बाद तो बहुत से लोग बाहर से भी आएंगे और हमारी अयोध्या एक नई अयोध्या के रूप में सब देख रहे हैं।"
स्थानीय विशाल शर्मा का कहना है, "हमारे श्रीराम जी, अपने रहते हुए मतलब जिस टाइम पर रहे होंगे, बिल्कुल उस टाइप का नजारा है। 22 जनवरी को एकदम दिवाली जैसा माहौल होगा।"
वहीं अयोध्या की रहने वालीं कल्याणी पांडे का कहना है, "ये अमीर-गरीब सब एकसमान हैं। इसका यही कारण है कि सब एक समान हो गए। देखने में अच्छा लगा, क्योंकि हम लोग हिंदू हैं, इसलिए देखने में और रौनक आ गई।"
मंदिर तक जाने वाली सड़कों को एक जैसा लुक देने का काम पूरा होने में लगभग दो महीने लगे हैं। सरकार ने इस प्रोजेक्ट पर 40 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए हैं।