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Ram Mandir: 'धर्म शास्त्र के खिलाफ नहीं जा सकते' राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा में शामिल नहीं होंगे शंकराचार्य, बताया ये कारण

Ram Mandir Inauguration: अविमुक्तेश्वरानंद ने बुधवार को हरिद्वार में मीडिया से कहा, "चारों शंकराचार्यों में से कोई भी 22 जनवरी के कार्यक्रम में शामिल नहीं होगा। हमारे मन में किसी के प्रति कोई दुर्भावना नहीं है, लेकिन यह शंकराचार्यों की जिम्मेदारी है कि वे हिंदू धर्म के नियमों का पालन करें और दूसरों को भी ऐसा करने का सुझाव दें

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 11, 2024 पर 1:15 PM
Ram Mandir: 'धर्म शास्त्र के खिलाफ नहीं जा सकते' राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा में शामिल नहीं होंगे शंकराचार्य, बताया ये कारण
Ram Mandir: 'धर्म शास्त्र के खिलाफ नहीं जा सकते' राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा में शामिल नहीं होंगे शंकराचार्य, बताया ये कारण

Ram Mandir Inaguration: उत्तराखंड में ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य (Shankaracharya) स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती (Swami Avimukteshwaranand Saraswati) ने कहा है कि चारों शंकराचार्य 22 जनवरी को अयोध्या (Ayodhya) में राम मंदिर (Ram Mandir) के उद्घाटन में शामिल नहीं होंगे, क्योंकि यह 'सनातन धर्म के नियमों का उल्लंघन है।' पुरी गोवर्धनपीठ के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने दो दिन पहले मध्य प्रदेश के रतलाम में कहा था कि वह 'शास्त्रों के विरुद्ध' किसी धार्मिक कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे।

अविमुक्तेश्वरानंद ने बुधवार को हरिद्वार में मीडिया से कहा, "चारों शंकराचार्यों में से कोई भी 22 जनवरी के कार्यक्रम में शामिल नहीं होगा। हमारे मन में किसी के प्रति कोई दुर्भावना नहीं है, लेकिन यह शंकराचार्यों की जिम्मेदारी है कि वे हिंदू धर्म के नियमों का पालन करें और दूसरों को भी ऐसा करने का सुझाव दें। वे (मंदिर निर्माण और समारोह के आयोजन में शामिल लोग) हिंदू धर्म में स्थापित मानदंडों की अनदेखी कर रहे हैं।"

उन्होंने कहा कि मंदिर का निर्माण पूरा किए बिना भगवान राम का प्राण प्रतिष्ठा समारोह आयोजित करना हिंदू धर्म के सिद्धांतों का पहला उल्लंघन है। उन्होंने कहा, "इतनी जल्दबाजी की कोई जरूरत नहीं थी।"

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