Ram Mandir inauguration: अयोध्या में 22 जनवरी को होने वाले राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा से पहले बिहार में इंडिया गठबंधन (I.N.D.I.A. Alliance) के नेताओं की ओर से बयानबाजी शुरू हो गई है। खासकर बिहार के पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में राम मंदिर पर विवादित बयानबाजी करने की होड़ सी मची हुई है। इसी कड़ी में अब गया के अतरी विधानसभा से RJD विधायक अजय यादव ने राम मंदिर उद्घाटन को लेकर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि धार्मिक भावनाओं को भड़काने के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) 22 जनवरी के दिन राम मंदिर समारोह में भक्तों पर ब्लास्ट करा सकती है।
अजय यादव ने अपने विधानसभा क्षेत्र में समर्थकों के साथ एक बैठक को संबोधित करते हुए ये विवादित बयान दिया। साथ ही कहा कि इसका राजनीतिक लाभ लेने के लिए बीजेपी पाकिस्तान और मुसलमानों का नाम लेगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गया के नीमचक बथानी में रविवार (7 जनवरी) को अपने कार्यकर्ताओं के साथ अजय यादव बैठक कर रहे थे।
इस दौरान विधायक ने कहा कि हमें आशंका है कि अयोध्या में जितनी भीड़ बीजेपी जमा कर रही है, अपने ही लोग से ब्लास्ट करवा देंगे और बोलेंगे कि पाकिस्तान वाला आतंकवादी कर दिया है। यादव ने कहा कि बीजेपी कहेगी कि मुसलमान लोगों की ये सब देन है। उन्होंने कहा कि यह हो सकता है या नहीं भी हो सकता है।
साथ ही पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि हम लोग जो टैक्स का पैसा जमा करते हैं और वह पैसा राम मंदिर में लगवा कर खुद वाहवाही लूट रहे हैं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी कहते हैं हमने राम मंदिर बनवा दिया तो क्या आपके घर से पैसा आया था?
बिहार के मंत्री ने भी दिया बयान
बता दें कि बिहार में महागठबंधन सरकार का ये कोई पहला नेता नहीं है, जिसने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा को लेकर विवादित बयान दिया हो। बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने कहा, "अगर आपको चोट लगेगी तो आप कहां जाएंगे? मंदिर या अस्पताल? अगर आप शिक्षा चाहते हैं और अधिकारी, विधायक या सांसद बनना चाहते हैं तो क्या आप मंदिर जाएंगे या स्कूल जाएंगे? फतेह बहादुर सिंह (RJD विधायक) ने वही बात कही जो सावित्रीबाई फुले ने कही थी। इसमें क्या गलत है?"
मंत्री ने आगे कहा, "उन्होंने सावित्रीबाई फुले का हवाला दिया। क्या शिक्षा आवश्यक नहीं है?...हमें छद्म हिंदुत्व और छद्म राष्ट्रवाद से सावधान रहना चाहिए...जब भगवान राम हममें से प्रत्येक में व्याप्त हैं, तो हम उन्हें खोजने के लिए कहां जाएंगे?... जो स्थलें निर्धारित की गई हैं उन्हें शोषण का स्थल बनाया गया है, जिसका उपयोग समाज में कुछ षड्यंत्रकारियों की जेबें भरने के लिए किया जाता है।"