Ayodhya Ram Temple: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में भव्य राम मंदिर (Ayodhya Ram Mandir) के निर्माण में 1,800 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो रामलला साल 2024 में मकर संक्रांति के दिन 15 जनवरी को मुख्य मंदिर के गर्भगृह में विराजमान हो जाएंगे। इसके साथ ही यहां उनका दर्शन-पूजन शुरू हो जाएगा। राम मंदिर के तीन मंजिला सुपरस्ट्रक्चर का निर्माण शुरू हो गया है।
श्री राम मंदिर ट्रस्ट ने कहा है कि वर्तमान अनुमान के अनुसार, मंदिर और परिसर की कुल निर्माण लागत लगभग 1,800 करोड़ रुपये आएगी। बता दें कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की रविवार को सर्किट हाउस में हुई बैठक में कई अहम बिंदुओं पर सहमति बनी। बैठक में मंदिर के बाईलॉज और रामलला की मूर्ति के निर्माण पर भी मंथन हुआ।
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि फैजाबाद सर्किट हाउस में आयोजित इस बैठक में ट्रस्ट के सदस्यों ने सर्वसम्मति से यह फैसला किया कि राम जन्मभूमि परिसर में हिंदू धर्म से जुड़ी महान विभूतियों और साधु-संतों की प्रतिमाओं को भी स्थान दिया जाएगा।
चंपत राय ने आगे कहा कि एक्सपर्ट द्वारा पेश की गई रिपोर्ट के आधार पर लगाए गए ट्रस्ट के अनुमान के मुताबिक राम मंदिर निर्माण पर 1800 करोड़ रुपए खर्च होंगे। चंपत राय ने कहा कि लंबे अरसे तक सोच विचार और राम मंदिर निर्माण से जुड़े सभी लोगों के तमाम सुझावों पर आज की बैठक में ट्रस्ट से जुड़े नियम कायदों और बाइलॉज को अंतिम रूप दिया गया।
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक राम जन्मभूमि परिसर में भव्य मंदिर का निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है। इसके दिसंबर 2023 तक बनकर तैयार हो जाने का अनुमान है। मंदिर में जनवरी 2024 को मकर संक्राति के अवसर पर भगवान राम लला की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की जा सकती है।