शिवसेना राज्यसभा सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) के घर पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आज सुबह छापेमारी की है। दरअसल 1000 करोड़ से ज्यादा के पात्रा चॉल जमीन घोटाला मामले में ईडी की टीम संजय राउत से पूछताछ कर रही है। जमीन घोटाले के इस मामले में राउत को 27 जुलाई को ईडी ने तलब किया था। हालांकि, वह अधिकारियों के सामने पेश नहीं हुए थे। राउत (sanjay raut) पर जांच में सहयोग न करने का आरोप है। इसी के चलते ईडी की टीम उनके घर पहुंची है।
संजय राउत के घर ईडी के पहुंचने की जानकारी मिलते ही दर्जनों शिवसेना कार्यकर्ता उनके घर के बाहर जमा हो गए हैं और प्रदर्शन कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि यहां संजय राउत को हिरासत में लिया जा सकता है। ईडी के पहुंचने के बाद एक के बाद एक संजय राउत ने ट्वीट करके केंद्रीय एजेंसी और केंद्र पर निशाना साधा।
BJP के नेता रामकदम ने इस मामले में कहा है कि कोई नेता है, इसलिए उसकी जांच नहीं होगी। ऐसा नहीं हो सकता है। अखबार सामना चला रहे हैं, लेकिन जांच का सामना नहीं कर पा रहे हैं। देश में कोई भी हो, जिसनें गलत काम किया है। उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। इससे पहले संजय राउत को 1,034 करोड़ रुपये के पात्रा चॉल भूमि घोटाले से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले की पूछताछ के लिए तलब किया था। लेकिन दिल्ली में चल रहे संसद के मानसून सत्र का हवाला देकर वह ED अधिकारियों के सामने नहीं पेश हुए थे।
ED की कार्रवाई शुरू होने के बाद संजय राउत ने ट्वीट करके अपनी सफाई दी। राउत ने कहा- मेरा किसी घोटाले से कोई लेना-देना नहीं है। मैं शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे की शपथ लेकर यह कह रहा हूं। बालासाहेब ने हमें लड़ना सिखाया है। मैं शिवसेना के लिए लड़ना जारी रखूंगा। यह झूठी कार्रवाई है। झूठा सबूत है। मैं शिवसेना नहीं छोड़ूंगा। मैं मर भी जाऊं तो समर्पण नहीं करूंगा।
जानिए क्या है पात्रा चॉल का मामला
पत्रा चॉल को साल 2007 में गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन को बनाने का ठेका दिया गया था। यह काम MHADA ने दिया था। इस योजना के तहत मुंबई के गोरेगांव में 47 एकड़ की जमीन पर पात्रा चॉल में 672 किराएदारों के लिए फ्लैट बनाना था। ED के मुताबिक, आशीष कंस्ट्रक्शन ने म्हाडा को गुमराह किया। बिना फ्लैट बनाए 9 बिल्डरों को 901.79 करोड़ रुपये में जमीन बेच दी। बाद में आशीष कंस्ट्रक्शन ने Meadows नाम से एक नया प्रोजेक्ट शुरू किया और घर खरीदारों से फ्लैट के लिए 138 करोड़ रुपये जुटाए। जांच में पता चला कि कंस्ट्रक्शन कंपनी ने गौर कानूनी तरीके से 1,034.79 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की।
आगे चलकर उसने गैरकानूनी तरीके से अपने सहयोगियों को पैसे ट्रांसपर कर दिए। ED का कहना है कि आशीष कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड HDIL की सिस्टर कंपनी है। जांच में पता चला कि HDIL ने करीब 100 करोड़ रुपये प्रवीण राउत के अकाउंट में जमा कराए थे। प्रवीण राउत की पत्नी माधुरी ने संजय राउत की पत्नी वर्षा राउत के अकाउंट में 83 लाख रुपये ट्रांसपर किए थे। इन पैसों से वर्षा राउत ने दादर में एक फ्लैट खरीदा।