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अगले एक साल में चीन, जापान सहित कई दशों में आ सकती है मंदी लेकिन भारत नहीं फंसेगा इस दलदल में

सिटीग्रुप ने हाल ही में यह अनुमान जताया है कि इस साल के आखिर तक कच्चा तेल $65 प्रति बैरल तक पहुंच सकता है और 2023 के आखिर तक यह $45 प्रति बैरल पर पहुंच जाएगा। मई 2024 में भारत में आम चुनाव होंगे, जहां नरेंद्र मोदी की सरकार तीसरी बार जनादेश के लिए मैदान में उतरेगी। ऐसे में 2023 के आखिर तक यदि वैश्विक मंदी चरम पर पहुंचेगी, तो मोदी सरकार के लिए इसमें अच्छी खबर छुपी हो सकती है

Bhuwan Bhaskarअपडेटेड Aug 01, 2022 पर 7:20 AM
अगले एक साल में चीन, जापान सहित कई दशों में आ सकती है मंदी लेकिन भारत नहीं फंसेगा इस दलदल में
अगले साल 2023 में चीन की वृद्धि दर 4.6% रहने का अनुमान है, जबकि ग्लोबल वृद्धि दर इस साल के 3.2% से और घटकर 2023 में 2.9% पर पहुंच सकती है

भुवन भास्कर

हाल ही में ब्लूमबर्ग का एक सर्वे सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिसमें बार चार्ट के जरिए दुनिया की कुछ प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के मंदी में फंसने की आशंका को दिखाया गया था। इसमें जहां चीन और जापान जैसी अर्थव्यवस्थाओं में मंदी की संभावना क्रमशः 20 और 25 प्रतिशत बताई गई, वहीं भारत में यह आशंका शून्य प्रतिशत दिखी।

इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) ने भी 26 जुलाई को विश्व की अर्थव्यवस्था का जायजा लेने वाली अपनी रिपोर्ट वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक अपडेट जुलाई 2022 जारी की जिसमें 2022 के लिए ग्लोबल इकनॉमी की वृद्धि दर का अनुमान 3.2% कर दिया गया है, जो कि अप्रैल में जारी रिपोर्ट में 3.6% था। पिछले साल ग्लोबल इकनॉमी 6.1% की दर से बढ़ी थी।

नोमुरा होल्डिंग्स की हालिया रिपोर्ट में भी दावा किया गया है कि अगले 12 महीनों में अमेरिका, यूरोप, कनाडा, जापान, ब्रिटेन, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया जैसी तमाम अग्रणी अर्थव्यवस्थाएं मंदी की चपेट में आने वाली हैं। चीन में हालांकि फिलहाल मंदी का खतरा नहीं दिख रहा है, लेकिन IMF के मुताबिक 2022 के दौरान उसकी वृद्धि दर गिरकर 3.3% पर पहुंच जाएगी जो पिछले 40 वर्षों में चीन की सबसे धीमी वृद्धि दर है।

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