सीआरपीएफ के असिस्टेंट कमांडेंट राजेंद्र कुमार के लिए कमांडेट बनना ड्रीम जॉब थी, लेकिन इस साल उन्होंने भारी मन से इस नौकरी को अलविदा कह दिया। 35 साल के कुमार एंटी-नक्सल कोबरा यूनिट और नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) में काम कर चुके थे। कुमार के लिए यह वर्दी एक तरह से उनकी दूसरी चमड़ी थी। इस नौकरी को अलविदा कहना उनके लिए काफी भावनात्मक और दर्दनाक फैसला था। दरअसल, उन्हें लगा कि उन्हें इस नौकरी में वह मान-सम्मान नहीं मिल रहा है, जिसकी उन्होंने उम्मीद की थी। इस वजह से वह काफी निराश थे।
