African Swine Fever: क्या है अफ्रीकन स्वाइन फीवर वायरस, जिससे इंडोनेशिया से लेकर सिंगापुर तक मचा है कोहराम?

African Swine Fever: यह पहली बार नहीं है, जब दुनिया में अफ्रीकन स्वाइन फीवर (ASF) के मामले सामने आए हैं। दरअसल, डोमिनिकन रिपब्लिक, हेटी और चीन जैसे देश सालों से इस वायरस से जूझ रहे हैं। इस तरह के आउटब्रेक में लाखों सूअरों की मौत हो चुकी है, जिससे मांस और लाइवस्टॉक उत्पादन भारी मात्रा में प्रभावित हुआ है

अपडेटेड May 11, 2023 पर 11:21 AM
African Swine Fever: अफ्रीकी स्वाइन फीवर (ASF) से संक्रमित सुअरों की मृत्यु दर 100 फीसदी तक पहुंच जाती है

African Swine Fever Outbreak: इंडोनेशियाई अधिकारियों ने पुष्टि की है कि एक फार्म से सिंगापुर को आपूर्ति किए गए सूअर अफ्रीकी स्वाइन फीवर (ASF) वायरस से संक्रमित थे। इंडोनेशिया के एक फार्म में अफ्रीकी स्वाइन फीवर के प्रकोप को लेकर वर्ल्ड ऑर्गनाइजेशन फॉर एनिमल हेल्थ (WOAH) ने भी कंफर्म कर दिया है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, सिंगापुर के पास इंडोनेशिया के रियाउ द्वीप (Riau Islands) प्रांत में स्थित एक फार्म में 2,85,034 सूअरों में से अब तक 35,297 सूअरों की मौत अफ्रीकन स्वाइन फीवर से हो चुकी है। फिलहाल, फार्म को बंद कर दिया गया है और द्वीप से सभी जीवित सूअरों को दूसरे जगह शिफ्ट कर दिया गया है।

इस बीच, सिंगापुर खाद्य एजेंसी (SFA) ने द्वीप से सूअरों के आयात पर रोक लगा दिया है। आपको बता दें कि यह पहली बार नहीं है, जब दुनिया में अफ्रीकन स्वाइन फीवर (ASF) के मामले सामने आए हैं। दरअसल, डोमिनिकन रिपब्लिक, हेटी और चीन जैसे देश सालों से इस वायरस से जूझ रहे हैं। इस तरह के आउटब्रेक में लाखों सूअरों की मौत हो चुकी है, जिससे मांस और लाइवस्टॉक उत्पादन भारी मात्रा में प्रभावित हुआ है। सिंगापुर को कुल पोर्क की लगभग 15 फीसदी आपूर्ति रियाउ द्वीप से ही होती है।

क्या है अफ्रीकन स्वाइन फीवर?


अफ्रीकी स्वाइन फीवर (ASF) सूअरों में अत्यधिक विषाणुजनित और संक्रामक वायरस है। इससे संक्रमित सुअरों की मृत्यु दर 100 फीसदी तक पहुंच जाती है। हालांकि, यह वायरस इंसान को संक्रमित नहीं करता है। आपको एक बात साफ कर दूं कि अफ्रीकी स्वाइन फीवर स्वाइन फ्लू नहीं है। ASF और स्वाइन फ्लू दो अलग-अलग वायरस से होने वाले दो अलग-अलग इन्फेक्शन हैं। वर्ल्ड ऑर्गनाइजेशन फॉर एनिमल हेल्थ (WOAH) के मुताबिक, स्वाइन फ्लू के विपरीत, अफ्रीकी स्वाइन फीवर मनुष्यों के लिए खतरनाक नहीं है, लेकिन सूअरों के लिए काफी घातक है।

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WOAH अधिकारियों के अनुसार, मनुष्य AFS से बीमार नहीं पड़ते हैं, लेकिन वे कैरियर हो सकते हैं। मक्खियां, दूषित चारा और परिवहन वाहन भी ASF को खेतों और पशुओं तक पहुंचा सकते हैं। WOAH ने चिंता जाहिर करते हुए कहा है कि ASF हाल के वर्षों में धीरे-धीरे पोर्क मार्केट के लिए संकट बनता जा रहा है। यह न केवल पशु के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है बल्कि जैव विविधता पर भी हानिकारक प्रभाव डालता है। अभी इस वायरस के लिए कोई प्रभावी वैक्सीन भी नहीं मिला है। यह वायरस घरेलू और जंगली दोनों सूअरों को प्रभावित करते हुए एशिया, कैरिबियन, यूरोप और प्रशांत क्षेत्र के कई देशों में पहुंच गया है।

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