भोजपुरी फिल्मों के सुपरस्टार और गोरखपुर से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद रवि किशन (Ravi Kishan) की बेटी इशिता शुक्ला (Ishita Shukla) अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme) के तहत भारतीय सेना में शामिल हो गई हैं। इशिता ने हाल ही में डिफेंस फोर्स (Defense Force) ज्वाइन की है। इस खुशखबरी के बाद सोशल मीडिया पर चारों तरफ से रवि किशन को बधाइयां मिल रही हैं। लोग जांबाज इशिता को शुभकामनाएं दे रहे हैं। बता दें कि सशस्त्र बलों की भर्ती प्रक्रिया में बदलाव लाने के लिए केंद्र सरकार ने पिछले साल जून में इसकी घोषणा की थी। केंद्र सरकार द्वारा पिछले साल शुरू की गई अग्निपथ भर्ती योजना के तहत चार साल पूरे होने के बाद 25 प्रतिशत अग्निवीरों को ही बल में रखा जाएगा, जबकि बाकी रिटायर हो जाएंगे।
रवि किशन की बेटी 21 साल की है। सोशल मीडिया पर ये खबर तेजी से वायरल हो रही है। सेलिब्रिटी फोटोग्राफर वरिंदर चावला ने भी इस खबर को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया है। उन्होंने इशिता और रवि किशन की तस्वीर के साथ लिखा, "भोजपुरी एक्टर रवि किशन की 21 साल की बेटी इशिता शुक्ला अग्निपथ योजना के तहत डिफेंस फोर्स में शामिल होंगी। कुछ दिनों पहले उनके सेना में शामिल होने की खबरें आ रहीं थी।"
बता दें कि इशिता NCC कैडेट रह चुकी हैं। इसके बाद उनका सशस्त्र बलों में शामिल होने का निर्णय सामने आया है। NCC कैडेट के रूप में उन्होंने सशस्त्र बलों के अनुशासन को समझ चुकी है। सैन्य वातावरण से वे परिचित हैं। उन्होंने इस साल 'रिपब्लिक डे' की परेड में भी हिस्सा लिया था। उनके राजपथ पर कदमताल की हर किसी ने सराहना की थी। रवि किशन ने तब ट्वीट की बेटी की इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर की थी।
तमाम ट्विटर यूजर्स ने रवि किशन को बधाई दी और एक सेलिब्रिटी की बेटी होने के बावजूद अलग करियर चुनने के लिए इशिता की सराहना की। इशिता शुक्ला अभी 21 साल की हैं। उनका जन्म उत्तर प्रदेश के जौनपुर में हुआ था। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के राजधानी कॉलेज से पढ़ाई पूरी की है। उन्हें साल 2022 में एनसीसी के ADG अवार्ड ऑफ एक्सिलेंस से नवाजा गया था। उन्हें कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौर ने बेस्ट कैडेट का पुरस्कार दिया था।
अग्निपथ योजना सरकार द्वारा 14 जून, 2022 को शुरू की गई थी। अग्निपथ योजना देश के युवाओं को चार साल की अवधि के लिए सशस्त्र बलों में सेवा करने अवसर प्रदान करती है। इस योजना के तहत तीनों सेनाओं में शामिल होने वाले युवाओं को 'अग्निवीर' नाम दिया जाएगा। हालांकि, चार साल के बाद प्रत्येक बैच के केवल 25 फीसदी जवानों को ही 15 साल की अवधि के लिए उनकी संबंधित सेवाओं में रखा जाएगा।
विपक्षी दलों ने इस फैसले की आलोचना की थी, लेकिन सरकार ने कहा है कि यह सशस्त्र बलों को अधिक युवा बनाएगी और इसकी मौजूदा जरूरतों को पूरा करेगी। शुरुआत में विरोध-प्रदर्शन के बाद केंद्र ने 16 जून, 2022 को अग्निपथ योजना के माध्यम से भर्ती के लिए आयु सीमा 21 साल से बढ़ाकर 23 वर्ष कर दी थी।