इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चुनाव ड्यूटी को लेकर अहम फैसला दिया है। कोर्ट ने कहा कि शिक्षकों का मुख्य काम पढ़ाना है, इसलिए उन्हें चुनावी कामों में अंतिम विकल्प के रूप में ही लगाया जाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि शिक्षकों को बिना सोचे-समझे चुनाव ड्यूटी पर न भेजा जाए और बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) बनाने का फैसला भी जरूरत पड़ने पर ही लिया जाए। यह आदेश न्यायमूर्ति अजय भनोट ने शिक्षक सूर्य प्रताप सिंह की याचिका पर दिया।
