अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) के हिंदू छात्र अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में होली मिलन समारोह की अनुमति नहीं दिए जाने के विरोध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखने की तैयारी में हैं। हिंदू छात्रों को कथित तौर पर 9 मार्च को नॉन-रेजिडेंट स्टूडेंट्स सेंटर (NRSC) क्लब में होली मिलन समारोह आयोजित करने की अनुमति नहीं दी गई थी।
LLM के छात्र अखिल कौशल ने होली मिलन की अनुमति के लिए प्रॉक्टर और कुलपति से संपर्क किया। कौशल ने कहा, "AMU एक सेंट्रल यूनिवर्सिटी है, जिसे खुद पीएम मोदी ने मिनी इंडिया कहा है। जब दक्षिण भारतीय त्योहारों के अलावा इफ्तार पार्टियां, मुहर्रम, चेहलुम और ईद मिलादुन्नबी के जुलूस निकाले जाते हैं, तो होली मिलन समारोह की अनुमति क्यों नहीं दी जा रही है?
उन्होंने आगे कहा, "यह धार्मिक भेदभाव है और यूनिवर्सिटी प्रशासन को सभी धर्मों के त्योहारों के प्रति एक ही नजरिया अपनाना चाहिए।"
इस पर प्रॉक्टर प्रोफेसर मोहम्मद वसीम अली ने कहा कि होली पर कोई रोक नहीं है। अली ने दावा किया कि छात्र हर साल कैंपस में होली खेलते हैं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा, "इसके लिए किसी अनुमति की जरूरत नहीं है और मामले को गैर-जरूरी ढंग से बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है।"
PM मोदी के सामने मुद्दा उठाएंगे छात्र
हालांकि, छात्र इस बात पर अड़े हैं कि वे इस मामले को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने उठाएंगे।
कौशल ने कहा, "हम इस मुद्दे को प्रधानमंत्री मोदी और शिक्षा मंत्रालय के सामने उठाएंगे। अगर यूनिवर्सिटी लेवल पर दूसरे धार्मिक त्योहारों की अनुमति दी जाती है, तो होली मिलन समारोह को भी मनाने की अनुमति दी जानी चाहिए।"