काशी हिंदू विश्वविद्यालय के छात्र इन दिनों भोजन नहीं मिलने पर परेशान हैं। ऐसे में बिड़ला-ए हॉस्टल में छात्रों ने देर रात चौराहे पर चक्का जाम करके धरना प्रदर्शन किया। सैकड़ों छात्रों ने सड़क पर उतर कर अपनी समस्याओं को बताया। छात्रों का आरोप है कि हॉस्टल में कई समस्याएं हैं। जिनका समाधान नहीं किया गया है। उन्होंने हॉस्टल वार्डन को हटाने की मांग की है। विश्वविद्यालय की एक टीम छात्रों को मनाने गई। लेकिन छात्र नहीं माने। छात्रों का कहना है कि हमें दूसरी जगह भोजन करने जाना पड़ता है। धरना प्रदर्शन में दृष्टि बाधित छात्र भी शामिल हैं।
वहीं ये भी कहा जा रहा है कि छात्र भोजन की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं। धरना कर रहे साभी छात्र बिड़ला हॉस्टल के हैं। ये छात्र भोजन नहीं मिलने की वजह से धरने पर बैठ गए हैं।
धरना प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि भोजन के लिए 3500 रुपये खर्च करते हैं। इसके बावजूद 20 दिन से भोजन नहीं मिला है। कई जगह शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। रोजाना दूसरे मेज पर जाकर भोजन करना पड़ता है। यह काफी दूर है ऐसे में दृष्टि बाधित छात्रों को कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। छात्रों का कहना है कि वो धरना प्रदर्शन के लिए मजबूर हो गए हैं। छात्रों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर प्राक्टोरियल बोर्ड की टीम पहुंची। छात्रों को काफी मनाया, लेकिन छात्र नहीं माने। छात्रों ने लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। छात्रों का धरन प्रदर्शन जारी है।
छात्रों की ये हैं बड़ी मांगे
छात्रों का कहना है कि उन्हें हॉस्टल में कम दाम पर उच्च गुणवत्ता का भोजन मुहैया कराया जाए। दिव्यांग छात्रों के लिए छात्रावास में लाइब्रेरी की सुविधा होनी चाहिए। पुस्तकालय में कम्प्यूटर की सुविधा भी मुहैया कराई जाए। इसके साथ ही छात्रावास में साफ-सफाई और पेयजल की अच्छी व्यवस्था होनी चाहिए।