बांदा में लुटेरी दुल्हन का मामला सामने आया है। यह दुल्हन ऐसे लोगों को निशाना बनाती थी, जिनकी शादी नहीं हुई होती थी। इसका पूरा एक गिरोह था, जो कि उत्तर प्रदेश के बांदा, हमीरपुर, जालौन, झांसी, ललितपुर, महोबा, कानपुर तक फैला हुआ था। पुलिस ने शादी के नाम पर लूटपाट करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। इसमें 4 लोग गिफ्तार हुए हैं। इस गिराहो में महिलाएं भी शामिल हैं। इनके पास चार मोबाइल फोन, दो आधार कार्ड और नकद 5000 रुपये बरामद हुए हैं। दुल्हन शादी के नाम पर पैसे ठगती थीं। शादी के बाद, लड़की को दूल्हे के साथ विदा किया जाता था। इसके बाद 2-3 दिन रहकर घर से कैश और गहने लेकर फरार हो जाती थी।
यह गिरोह नोटरी के जरिए शादी कराते थे। फिर रुपये और जेवर लेकर चंपत हो जाते थे। गिरोह में शामिल जालौन की एक महिला दुल्हन बनती थी। देहात कोतवाली के जमालपुर गांव निवासी शंकर उपाध्याय ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी। शंकर ने बताया कि शादी कराने के नाम पर उससे ठगी की जा रही है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच की तो मामला सच निकला। फिर पुलिस ने बांदा के महोखर गांव चौराहे से चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
शादी कराने के नाम पर ठगी कर रहे थे आरोपी
एक शख्स ने पुलिस को बताया कि उसे भी शादी का झांसा देकर ठगा गया था। पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज की और जांच शुरू की। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। जिनमें दो महिलाएं और दो पुरुष शामिल थे। पुलिस के अनुसार, एक महिला दुल्हन बनती थी। दूसरी महिला उसकी मां बनकर लोगों को विश्वास में लेती थी। बाकी दो आरोपी उनके सहयोगी होते थे। अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज ने बताया कि पुलिस को शिकायत मिली थी कि कुछ लोग शादी कराने के नाम पर ठगी कर रहे थे। पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अब कानूनी कार्रवाई जारी है।
इन लोगों को बनाते थे निशाना
आरोपियों ने बताया कि ये लोग उसे निशाना बनाते थी जिनकी शादी नहीं हो रही होती थी। ऐसे लोगों से शादी कराने के नाम पर पैसा लेकर गिरोह की युवती से शादी करा देते थे। शादी नोटरी पर होती थी। इसके बाद दुल्हन बनी गिरोह की महिला कुछ दिन तक दूल्हे के साथ रहती थी, फिर मौका पाकर घर के जेवर और रुपये लेकर भाग जाती थी। अब तक इस गिरोह ने 6 लोगों को निशाना बनाया है। लेकिन सातवें शिकार के दौरान पुलिस ने इस गिरोह को दबोच लिया।
लुटेरी दुल्हन के गिरोह ने शंकर उपाध्याय को फंसाने की कोशिश की। गिरोह की सदस्य संजना गुप्ता ने खुद को लड़की की मां बताया और ज्योति नामक युवती को शादी योग्य लड़की के रूप में पेश किया। शादी से पहले कपड़े और जेवर खरीदने के नाम पर एडवांस मांगा। शंकर ने 5000 रुपये देने के बाद पुलिस को सूचना दे दी, जिससे गिरोह पकड़ा गया।