Bengaluru Horror: भारत के महत्वाकांक्षी चंद्रयान-3 (Chandrayaan-3) मिशन की सफलता को 'महान वैज्ञानिक उपलब्धि' बताते हुए पाकिस्तान सहित पूरी दुनिया ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वैज्ञानिकों की दिल खोलकर सराहना की है। इस बीच, कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक प्रतिष्ठित संस्थान के वैज्ञानिक (Indian scientist) पर तलवार से लैस बदमाशों ने हमला कर दिया। बाइक सवार चार अज्ञात बदमाशों के एक ग्रुप ने पहले तलवार लहराते हुए वैज्ञानिक का पीछा किया और फिर उस पर हमला कर दिया। हालांकि, वैज्ञानिक हमले में बाल-बाल बच गया।
वैज्ञानिक ने एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में बताया कि यह घटना 24 अगस्त की आधी रात की है। हमलावरों ने उनकी कार की विंडशील्ड और पिछला शीशा तोड़ दिया। मामले का खुलासा तब हुआ जब सेंटर फॉर नैनो एंड सॉफ्ट मैटर साइंसेज (CeNS) से जुड़े वैज्ञानिक आशुतोष सिंह ने ट्विटर पर इस दर्दनाक अनुभव के बारे में यूजर्स को जानकारी दी।
उनके अनुसार, मोटरसाइकिल पर सवार चार हमलावरों ने कई किलोमीटर तक उनका पीछा किया। इस दौरान उन्हें जान से मारने की धमकियां दीं। फिर उत्तर-पश्चिमी बेंगलुरु के रावुथनहल्ली रोड पर 12:45 बजे बदमाशों ने तलवार से उनकी कार की विंडशील्ड और पीछे के शीशे को तोड़ दिया।
आशुतोष ने अपनी क्षतिग्रस्त कार की एक तस्वीर पोस्ट की और कैप्शन में लिखा, "24 अगस्त, 12:45 बजे रौथनहल्ली मेन रोड पर स्थानीय गुंडों से बाल-बाल बचे। उन्होंने मेरी कार को रोकने की कोशिश की। फिर तलवारों से लैस बदमाशों ने मेरा पीछा किया और पिछला शीशा तोड़ दिया। पुलिस की देरी से प्रतिक्रिया से आहत हूं। न्याय की मांग करते हुए आज मदनायकनहल्ली थाने में FIR दर्ज कराई। तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है!"
पोस्ट में पुलिस से तुरंत कार्रवाई का आग्रह किया गया। मदनायकनल्ली पुलिस ने चार अज्ञात बदमाशों के खिलाफ आपराधिक धमकी और गलत तरीके से कारावास की धाराओं के तहत FIR दर्ज की है। घटना की गंभीरता को समझते हुए ट्रैफिक ADGP आलोक कुमार ने इसे गंभीर मामला माना और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का वादा किया।
बता दें कि इसरो ने 23 अगस्त को अंतरिक्ष में एक नया इतिहास रचते हुए चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडर विक्रम और रोवर प्रज्ञान से लैस चंद्रयान-3 की सॉफ्ट लैंडिग कराने में सफलता हासिल की। इसके साथ ही भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर साफ्ट लैंडिंग कराने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है।