दिग्गज फिनटेक कंपनी Bharatpe के को-फाउंडर और पूर्व मालिक अश्नीर ग्रोवर (Ashneer Grover) एक बार फिर विवादों में फंस गए हैं। इस बार भारत में हायरिंग और रिक्रूटमेंट को लेकर उनकी टिप्पणी पर बहस शुरू हो गई है। बॉम्बे शेविंग कंपनी (Bombay Shaving Company) के सीईओ और ईजीमायट्रिप (EaseMyTrip) वे प्रिस्टीन केयर (Pristyn Care) के को-फाउंडर्स जैसे टॉप एग्जेक्यूटिव्स के सोशल पोस्ट के चलते पिछले कुछ दिनों से यह मुद्दा लगातार चर्चा में बना हुआ है।
ग्रोवर के इस बयान पर शुरू हुआ विवाद
इसके बाद ग्रोवर ने जो लिखा, उस पर अच्छी-खासी बहस शुरू हुई है। ग्रोवर ने लिखा है, प्रशांत आप अपनी उम्मीदें कम रखें कि आप सैलरीड की आड़ में दैनिक मजदूरों को काम पर रखें। प्रशांत ने लिखा था कि जब कोई कैंडिडेट आखिरी समय में कंपनी ज्वाइन करने से इनकार कर देता है तो इससे कंपनी को बहुत झटका लगता है और इतने समय तक लगा समय और रिसोर्स सब बर्बाद हो जाता है।
ग्रोवर के बयान पर ऐसी रही यूजर्स की प्रतिक्रिया
एक ट्विटर यूजर ने लिखा है कि आप इतना नीचे गिरकर कैसे खुद को मैनेज कर लेते हैं? दैनिक मजदूर की तरह आप अपने कर्मियों से व्यवहार करते हैं।
एक यूजर ने लिखा है कि असली समस्या अश्नीर जैसे लोगों की मानसिकता है। एंप्लाईज को दैनिक मजदूरों की तरह ट्रीट करेंगे तो वैसा ही रिजल्ट मिलेगा। फायरिंग से कोई समस्या नहीं है क्योंकि कंपनियों का प्रॉफिट मार्जिन बढ़ता है लेकिन अगर एंप्लाई कंपनी के ऑफर को रिजेक्ट कर दे तो कांट्रैक्ट की कोई वैल्यू नहीं है।
एक यूजर ने लिखा है कि किसी एंप्लाई के पास सिर्फ एक ही पॉवर है, कंपनी छोड़ने की। अगर उसे कहीं बेहतर अवसर मिल रहा है तो वह वहां क्यों नहीं जाएगा।
एक और यूजर ने मजेदार ढंग से कटाक्ष मारा है कि भारत में कंपनियां चाहती हैं कि एंप्लाई एक महीने से भी कम समय में ज्वाइन करे लेकिन अपने यहां नोटिस पीरियड तीन महीने का रखेंगी। सैलरी कितनी होगी, यह आपकी पूर्व सैलरी पर निर्भर करेगी, ना कि आपने किस पद के लिए आवेदन किया है।