6 हजार करोड़ का टर्नओवर...बजट के बाद इस बिजनेसमैन की मखाना पर पोस्ट हो रहा खूब वायरल

जेरोधा के को-फाउंडर निखिल कामत ने बजट से पहले संभावना जताई थी कि, अगर योजना बनाई जाए तो यह उद्योग 6 हजार करोड़ का टर्नओवर दे सकता है। मखाना उद्योग को बहुत बड़ा ब्रांड बनाया जा सकता है, क्योंकि यह पहला भारतीय ब्रांड है, जो दुनियाभर में बिकता है। व्यक्तिगत रूप से वे भी इसे खाना पसंद करते हैं

अपडेटेड Feb 02, 2025 पर 8:55 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
निखिल कामत ने कहा, मखाना उद्योग 6 हजार करोड़ रुपये का टर्नओवर पैदा कर सकता है।

एक फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में देश का आम बजट पेश किया। बजट में बिहार के लिए कई खुशखबरी आई है। वहीं इन खुशखबरी में से एक थी बिहार के सुपर फूड मखाना के लिए किया गया ऐलान। केंद्र सरकार ने मिथिलांचल और कोसी क्षेत्र के मखाना किसानों के लिए मखाना बोर्ड बनाने का ऐलान किया है। इससे किसानों को सीधा बाजार मिलेगा और उनकी आय बढ़ेगी। इसके अलावा किसानों को प्रशिक्षण और सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिलेगा। वहीं बजट में मखाने को लेकर किए गए ऐलान के बाद एक पोस्ट सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। ये पोस्ट मखाने को लेकर बजट से पहले एक बिजनेसमैन ने किया था।

जेरोधा के को-फाउंडर निखिल कामत ने कुछ दिन पहले एक्स पर लिखा था कि, मखाना शायद भारत एक बहुत बड़ा ब्रांड बनाने की संभावना है, ऐसा भारतीय ब्रांड जो दुनिया भर में बिके। वे व्यक्तिगत रूप से भी मखाना खाने के शौक़ीन हैं। उन्होंने बताया कि, मखाना तेज़ी से 'दुनिया का सुपरफूड' बनता जा रहा है। हाल के सालों में मखाना को लेकर कई नए स्टार्ट-अप भी सामने आए हैं, जो इसे लेकर बढ़ती मांग का फायदा उठा रहे हैं। कामथ ने यह संभावना जताई थी कि अगर सही योजना बनाई जाए, तो मखाना उद्योग 6 हजार करोड़ रुपये का टर्नओवर पैदा कर सकता है।  वे व्यक्तिगत रूप से भी मखाना खाने के शौक़ीन हैं।


 

बिहार का 'काला हीरा'

निखिल कामत ने मखाना को बिहार का 'काला हीरा' कहा, क्योंकि दुनिया का 90% मखाना बिहार में ही उगता है। मखाना, जिसे फॉक्सनट भी कहा जाता है एक बहुत पौष्टिक नाश्ता है और बिहार में इसे बड़े पैमाने पर उगाया और खाया जाता है। स्वस्थ नाश्ते की बढ़ती मांग को देखते हुए बिहार सरकार ने 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' योजना शुरू की है, जिससे मखाना उत्पादकों को फायदा हुआ है। मखाना रिसर्च सेंटर को राष्ट्रीय स्तर का दर्जा मिला है और मखाना को जीआई (गॉरजिनल इंडिकेशन) टैग भी मिला है।

बजट में हुआ है खास ऐलान

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में एक प्रस्ताव दिया, जिसमें कहा गया कि बिहार में मखाना बोर्ड बनाया जाएगा, जो मखाना के उत्पादन, प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन और मार्केटिंग में मदद करेगा। इससे जुड़े लोगों को एफपीओ (फार्मर्स प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन) में संगठित किया जाएगा और उन्हें सरकार की सभी योजनाओं का लाभ मिलेगा। इसके अलावा वित्त मंत्री ने बिहार में एक नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी, इंटरप्रेन्योरशिप और मैनेजमेंट संस्थान बनाने की बात भी की है और राज्य में नए हवाई अड्डों के निर्माण की योजना भी घोषित की है।

सुपर फूड है मखाना

मखाना, जिसे फॉक्स नट्स या कमल के बीज भी कहा जाता है, एशिया के कई हिस्सों में खासतौर पर भारत में एक लोकप्रिय नाश्ता है। ये छोटे, कुरकुरे बीज यूरियाल फॉक्स पौधे से प्राप्त होते हैं और आमतौर पर खाने के लिए इन्हें भूनकर या तलकर तैयार किया जाता है। मखाना प्रोटीन, फाइबर और जरूरी खनिजों जैसे मैग्नीशियम, पोटैशियम और फास्फोरस से भरपूर होता है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।