Cancer Symptoms: हर साल दुनिया भर में 1 अगस्त को वर्ल्ड लंग्स कैंसर डे (World Lung Cancer Day) के रूप में मनाया जाता है। इस दिन का मकसद फेफड़ों के कैंसर के प्रति जागरुकता फैलना है। साल 2020 में कैंसर से पीड़ित मरीजों की संख्या 22 लाख से भी ज्यादा थी। फेफड़ों को डिटॉक्स करने का उपाय बहुत ही अच्छा है। जिससे आप अपने फेफड़ों को कैंसर या किसी भी बीमारी से बचा सकते है। डिटॉक्स का मतलब यहां पर फेफड़ों की अच्छे तरीके से सफाई करना है। फेफड़ों की बेहतर तरीके से सफाई करके आप कई बीमारियों से बच सकते हैं। फेफड़ों का काम ऑक्सीजन लेकर उसकी गंदगी को फिल्टर करके साफ हवा पूरे शरीर पर सप्लाई करना है।
लंग कैंसर एक गंभीर समस्या है। जिसमें शरीर में बहुत से बदलाव देखे जा सकते हैं। इसमें सांस लेने में कठिनाई, छाती में दर्द, हड्डियों में दर्द और सिर दर्द जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में खांसते समय खून आना, घबराहट और बिना बिना किसी कारण के वजन घटने जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इन्हें इग्नोर करना एक बड़ी समस्या बन सकती है।
जानिए कितने तरह का होता है लंग्स कैंसर
फेफड़ा कैंसर दो तरह का होता है। पहला स्मॉल सेल लंग्स कैंसर और नॉन स्मॉल सेल लंग कैंसर। जो लोग ज्यादा स्मोकिंग करते हैं। ऐसे लोगों को लंग्स कैंसर का खतरा अधिक रहता है। यह तेजी से फैलने वाला कैंसर होता है। यह कैंसर फैलने के बाद ही पता चल पाता है। दूसरा नॉन स्मॉल सेल लंग कैंसर फेफड़ों में होने वाले नॉर्मल कैंसर होते हैं। 80 फीसदी लोगों में यही कैंसर होता है। अगर इसके शुरुआती लक्षणों को पहचान कर बेहतर इलाज किया जाए तो इस पर काबू पा सकते हैं।
इस वजह से बढ़ रहे हैं लंग्स कैंसर के मरीज
धूम्रपान करने से लंग्स कैंसर का जोखिम बढ़ जाता है। सिगरेट का धुआं वायुमार्ग को छोटा कर देता है। जिससे सांस लेने में कठिनाई होने लगती है। धूम्रपान के संपर्क में जो आते हैं। उन्हें भी इसका खतरा बना रहता है। इसके लिए सावधानी बरतने की जरूरत है।
वायु प्रदूषण से भी लैंग्स कैंसर का जोखिम रहता है। दिन भर अगर आप बाहर रहते हैं। वायु की गुणवत्ता सही नहीं है फेफड़ों को नुकसान पहुंच सकता है।
अगर पानी में प्रदूषण है तो लंग्स कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। पानी में आर्सेनिक की मात्रा बढ़ने पर भी लंग्स कैंसर का खतरा पैदा हो जाता है। पीने के पानी में मिले आर्सेनिक सीधे फेफड़ों पर वार करते हैं। लिहाजा लंग्स कैंसर से बचने के लिए हमेशा साफ पानी पीना चाहिए।