Carnivore Diet: सिर्फ मीट, मक्खन और पनीर खाता रहा शख्स, फिर शरीर से टपकने लगा पीले रंग का तरल पदार्थ, जानें डॉक्टरों ने क्या कहा

Carnivore Diet: इन दिनों लोगों के खानपान में भारी बदलाव आया है। कुछ मोटापे से बचने के लिए तरह-तरह के डाइट प्लान फॉलो करते हैं। यह डाइट प्लान कभी-कभी शरीर की बैंड बजा देता है। कुछ ऐसा ही एक शख्स के साथ हुआ है। अमेरिका के फ्लोरिडा में एक 40 साल का शख्स अपने खाने में सिर्फ मांस, मक्खन और पनीर का इस्तेमाल करता रहा। इसके बाद उसका शरीर देखकर डॉक्टर भी हैरान रह गए

अपडेटेड Jan 30, 2025 पर 1:54 PM
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Carnivore Diet: कार्निवोर डाइट एक तरह की जीरो कार्ब्‍स डाइट है। जिसमें प्रोटीन और फैट को शामिल किया जाता है।

आजकल की इस भागदौड़ भरी जिंदगी में खानपान में बदलाव आया है। बहुत से लोग मोटापा के शिकार हो रहे हैं। तली-भुनी हुई चीजों का सेवन करना ज्यादा हो गया है। मोटापा कम करने के लिए बहुत से लोग लोग तरह-तरह के डाइट प्लान फॉलो करने लगते हैं। कभी-कभी ये डाइट प्लान नुकसानदायक साबित हो सकता है। हाल ही में अमेरिका के फ्लोरिडा में एक शख्स पिछले 8 महीने से सिर्फ मीट, पनीर और मक्खन का सेवन करता रहा। इसके बाद जो उसके शरीर की हालत हुई, उसे देखकर डॉक्टर भी हैरान रह गए। शख्स कार्निवोर डाइट फॉलो कर रहा था। इसकी वजह से उसके शरीर से पीले रंग का तरल पदार्थ निकलने लगा था।

डॉक्टरों ने देखा कि शख्स की हथेलियों, कोहनियों और पैरों के तलवों पर पीले रंग के धब्बों से तरल पदार्थ टपक रहा था। जब डॉक्टरों ने उनसे पूछताछ की, तो उन्होंने बताया कि वह रोज़ाना मक्खन की पूरी स्टिक, 6-9 पाउंड पनीर और हैमबर्गर पैटीज खा रहा था। इसे कार्निवोर डाइट कहा जा रहा है। ऐसे में इस डाइट के बारे में जानना बेहद जरूरी है।

जानिए कार्निवोर डाइट क्या है


कार्निवोर डाइट एक तरह की जीरो कार्ब्‍स डाइट है। जिसमें प्रोटीन और फैट को शामिल किया जाता है। इस डाइट में फल और सब्जियों का पूरी तरह से परहेज किया जाता है। जिससे शरीर में मसल्‍स को बिल्डअप करने में प्रोटीन अधिक सक्रिय भूमिका निभा पाए। हालांकि अभी भी कई लोग इस डाइट को फॉलो करने से कतराते हैं। इसकी वजह ये है कि अब हाई प्रोटीन और फैट युक्त भोजन से कई बीमारियां हो सकती हैं। इस डाइट में सिर्फ मांस से जुड़ी चीजें शामिल की जाती है। जिसमें चिकन, मछली और अंडे हो सकते हैं। इस डाइट का वजन कम करने और ऑटोइम्‍यून स्थिति को सुधारने के लिए प्रयोग किया जाता है। हालांकि यह बेहद ही मुश्किल डाइट होती है।

शख्स के शरीर से टपकने लगा तरल पदार्थ

डॉक्टरों से मिली जानकारी के मुताबिक, शख्स का कोलेस्ट्रॉल का स्तर 1000 mg/dL से अधिक हो गया था। सामान्य कोलेस्ट्रॉल स्तर 200 mg/dL से कम होता है, जबकि 240 mg/dL को हाई माना जाता है। ऐसे में यह शरीर में जमा हो जाता है। इसके बाद यह शरीर से बाहर निकलने लगा। शख्स को जैंथेलास्मा (Xanthelasma) नामक स्थिति का पता चला। यह हाई कोलेस्ट्रॉल की वजह से होता है।

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