Chair Farming: दुनिया आश्चर्य और हैरतअंगेज कारनामों से भरी पड़ी है। अभी तक आपने धनिया, मिर्चा, आलू मटर, टमाटर, गेहू, धान की जैसी तमाम सब्जियों और अनाज की खेती देखी होगी। अब आज एक ऐसी खेती के बारे में बता रहे हैं। जिसे सुनकर आप हैरान रह जाएंगे। दरअसल, इंग्लैंड में एक शख्स कुर्सी की खेती करते हैं। ऐसे में अब अगर आपको कुर्सी खरीदने की जरूरत हो तो सीधे कुर्सी के खेत में जाकर मनचाही कुर्सी का उगा सकते हैं। इसकी खासियत यह है कि आप जिस आकार की चाहेंगे। वैसे ही कुर्सी उगा दी जाती है।
उगाई गई कुर्सियों की बंपर डिमांड है, लेकिन कीमत दे पाना सबके बस की बात नहीं है। कुर्सी की खेती करने वाले शख्स का नाम गैविन मुनरो है। वो इंग्लैंड के डर्बीशायर डील्स में रहते हैं।
खास पेड़ों पर उगाई जाती हैं कुर्सियां
लकड़ियों की कुर्सियों को उगाने की कला के बारे में बात करें तो जिन कुर्सियो को गैविन लकड़ी काटकर बनाते हैं। उसे सीधे पेड़ पर उगाते हैं। यह पेड़ों पर फल की तरह लटकती दिखती है। इसके लिए गैविन वीलो नाम के खास पेड़ का प्रयोग करते हैं। वीलो पेड़ की टहनियां काफी लचीली होती हैं। इसी तरह ओक, ऐश और सिकामोर जैसे मजबूत बेलों वाले पेड़ का प्रयोग भी फर्नीचर उगाने के लिए किया जाता है। पेड़ की बेलों को कुर्सियों का रूप देने के लिए गैविन लोहे के फ्रेम का प्रय़ोग करते हैं। इन फ्रेम्स के अंदर लकड़ी की कुर्सी को फिट करके उगाया जाता है। हर 5 साल में पेड़ की कटाई होती है। ताकि कुर्सियों का शेप न बिगड़े।
एक कुर्सी की कीमत 7 लाख रुपये
गैविन के इस खेती के बिजनेस में उनकी पत्नी एलिस भी सहयोग करती हैं। कुर्सियां उगने में समय लगता है। लिहाजा अगर आपको कुर्सी चाहिए तो काफी समय पहले आर्डर देना होता है। अगर आज आपने ऑर्डर दिया तो 7 साल बाद डिलीवरी मिल जाएगी। इन कुर्सियों की कीमत करीब 6-7 लाख रुपये रहती है।