Low Prices of Sweets and Snacks: आज के समय में समोसा लोकल दुकान में भी 10 से 15 रुपये का मिलता है। ब्रांडेड समोसा 25 रुपये से कम नहीं आता लेकिन आज से करीब 40 साल पहले एक समोसा सिर्फ 50 पैसे में मिलता था। वहीं, बर्फी जो अच्छी जगह से लेने पर 300 से 450 रुपये किलो में मिलती है वह सिर्फ 10 रुपेय किलो के रेट पर मिलती थी। बीते 40 सालों में महंगाई बेहताशा बढ़ी है। इन दिनों सोशल मीडिया में 1980 का मिठाइयों का बिल वायरल हो रहा है। इस बिल को देखकर आप भी दंग रह जाएंगे।
1980 के जमाने में मिठाइयों और नमकीन की कीमतें बहुत ही सस्ती हुआ करती थीं। लोगों को विश्वास ही नहीं हो रहा है कि जिस समोसे की कीमत आज 10-25 रुपये हो चुकी है। वो पहले 50 पैसे में मिलता था। वैसे भी सोशल मीडिया में कोई भी एंटिक चीज दिख जाए वो सुर्खिया बटोरने लगती है। 50-60 पहले के शादी के कार्ड हों या फिर गाड़ियों और राशन का पुराना बिल, लोगों का ध्यान खूब खींचते हैं। यंग जेनरेशन के लिए यह किसी अजूबे से कम नहीं है।
फेसबुक पर शेयर किए गए एक मेन्यू कार्ड में आप मिठाइयों का रेट देखेंगे तो हैरान रह जाएंगे। आज हम जिस समोसे के लिए 10 से 15 रुपये खर्च कर रहे हैं। वायरल मेन्यू कार्ड में इसका रेट महज 50 पैसे है। इतना ही नहीं 10-15 रुपये में तो लड्डू, रसगुल्ले, काला जामन और रसमलाई जैसी मिठाई एक किलो ग्राम तक मिलती थी। इस कार्ड में लगभग सारी मिठाइयां 20 रुपये के अंदर-अंदर ही मिल रही हैं। समोसे और कचौड़ी 1 रुपये में 2 आ रही हैं। यानी 1 रुपये में नाश्ता पूरा हो सकता है। काला जामुन-14 रुपये किलो हैं। आज देखा जाए तो एक रसमलाई की कीमत 40 रुपये है, जो पहले 1 रुपये पीस मिल जाती थी।
इस बिल को देखने के बाद सोशल मीडिया पर लोग अपने दौर को याद कर रहे हैं। एक यूज़र ने कहा-1980 में उनकी सैलरी 1000 रुपये थी। आज 1 लाख रुपये के बराबर है। वहीं एक अन्य यूज़र ने कमेंट करते हुए लिखा है- सोशल मीडिया पर इस मेन्यू को देखने के बाद काफी भावुक हो गया हूं। ऐसा लगता है कि वक्त कितना बदल चुका है।