Clashes in Jodhpur: राजस्थान के जोधपुर शहर के एक इलाके में सोमवार रात दो समुदाय के लोगों के बीच झड़प के बाद तनाव हो पैदा हो गया। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए शहर में इंटरनेट सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जालौरी गेट (Jalori Gate) पर झंडा उतार फेंकने एवं दूसरा झंडा लगाने को लेकर विवाद शुरू हुआ। इसके बाद दोनों ओर से पथराव शुरू हो गया। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज कर हालात काबू में किए। आज मनाए जा रहे ईद एवं अक्षय तृतीया के त्योहार की पूर्व रात हुए इस हंगामे को फैलने से रोकने के लिए प्रशासन ने शहर में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं।
सीएम ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण
सीएम अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने मंगलवार की सुबह ट्वीट किया, "जोधपुर के जालौरी गेट के निकट दो गुटों में झड़प से तनाव पैदा होना दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रशासन को हर कीमत पर शांति एवं व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।"
गहलोत ने लोगों ने शांति बनाए रखने की अपील करते हुए एक अन्य ट्वीट में कहा, "जोधपुर, मारवाड़ की प्रेम एवं भाईचारे की परंपरा का सम्मान करते हुए मैं सभी पक्षों से मार्मिक अपील करता हूं कि शांति बनाए रखें एवं कानून-व्यवस्था बनाने में सहयोग करें।"
प्राप्त जानकारी के अनुसार इस विवाद की शुरुआत चौक पर धार्मिक झंडे फहराने को लेकर हुई। जोधपुर मुख्यमंत्री गहलोत का गृहनगर भी है। हिंसा की वजह एक समुदाय के लोगों द्वारा ईद से पहले बालमुकंद बिस्सा सर्कल में इस्लामिक झंडा फहराना एवं भगवा झंडा को हटाना बताई जा रही है। जालौरी गेट चौराहे पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
जोधपुर के पुलिस कमिश्नर नवज्योति गोगोई ने कहा कि स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है और हम लोग फ्लैग मार्च के लिए भी निकल रहे हैं। हम लोग क़ानून के तहत कार्रवाई करेंगे। कोई भी पुलिसकर्मी गंभीर तौर पर घायल नहीं हुए हैं। हम अपनी तरफ से कार्रवाई करेंगे। धारा 144 पहले से ही लागू है।