Cotton Candy Ban: तमिलनाडु के बाद अब दिल्ली में भी लगने जा रहा है कॉटन कैंडी पर बैन, कैंसर के खतरे का अनुमान

Cotton Candy के शौकीनों के लिए बुरी खबर है। तमिलनाडु की जांच के बाद अब दिल्ली भी कॉटन कैंड ीकी जांच करने जा रहा है। हाल ही में कॉटन कैंडी में कैंसर पैदा करने वाला एक एलिमेंट पाया गया जिसके बाद राज्य में इसके बैन कर दिया गया। अब ऐसी ही जांच दिल्ली में भी होने वाली है, अगर ऐसा होता है तो दिल्ली में भी कॉटन कैंडी को बैन कर दिया जाएगा।

अपडेटेड Feb 22, 2024 पर 3:14 PM
Story continues below Advertisement
Cotton Candy खाने वालों के लिए बुरी खबर तमिलनाडु के बाद दिल्ली भी लगा सकता है बैन

Cotton Candy Ban: हरी, पीली, लाल, नीली कॉटन कैंडी (Cotton Candy) जिसे कोई बुड्ढी के बाल तो कोई दादी के बाल तो कोई गुड़िया के बाल के नाम से भी जानता है। रुई जैसी दिखने वाली ये कैंडी मीठी होती है। खाने के बाद जीभ पर अपना रंग छोड़कर जाने वाली ये कॉटन कैंडी छोटे-मोटे स्नैक (Sweet Snacks) के तौर पर काफी पसंद की जाती है। 90s के बच्चों का तो ये फेवरेट स्नैक हुआ करती थी। आज भी सैर-सपाटे पर निकले कपल्स और फैमिलीज इसका सेवन करना पसंद करती हैं।  खैर अब लोगों का ये फेवरेट कैंडी (Favourite Candy) बैन होने वाला है। तमिलनाडु ने तो इसे पहले से ही बैन कर दिया है अब बारी दिल्ली की है। जानिए क्या है पूरा विवाद-

तमिलनाडु में कॉटन कैंडी की क्वालिटी खराब

तमिलनाडु में बैन के बाद अब दिल्ली में भी इसकी क्वॉलिटी पर जांच की योजना बनाई जा रही है। अभी तक की जांच में केवल ब्लू और पिंक कलर वाली कॉटन कैंडी में ही केमिकल मिला है, जबकि जिस कॉटन कैंडी में कलर मिक्स नहीं किया गया था, उसमें कोई केमिकल नहीं मिला है।

Cotton Candy में जानलेवा केमिकल

ऐसे में नॉर्मल कॉटन कैंडी का आनंद बच्चे उठा सकते हैं। वहीं एक्सपर्ट की मानें तो कॉटन कैंडी को कलरफुल बनाने के लिए उन में रंग बदलने के लिए केमिकल का इस्तेमाल होता है। केमिकल का फूड प्रोडक्ट में इस्तेमाल होना काफी चिंता की बात है। अगर एक राज्य में कॉटन कैंडी में केमिकल मिला है तो पूरी संभावना है कि बाकी राज्यों में भी ऐसा ही हो सकता है।

कॉटन कैंडी से कैंसर का खतरा, तमिलनाडु सरकार ने बिक्री पर लगाई रोक, मिला यह केमिकल


Cotton Candy से हो सकता है लिवर कैंसर

दिल्ली सरकार ने इस पर जांच कराने का फैसला किया है। इसके लॉन्ग टर्म इस्तेमाल से कैंसर हो सकता है, जिसमें लिवर कैंसर प्रमुख है। दिल्ली एनसीआर में रोडामाइन बी का इस्तेमाल स्ट्रीट फूड्स में भी हो रहा है, इसलिए पॉलिसी मेकर को ध्यान देना होगा। गैर जिम्मेदराना तरीके से इस केमिकल का इस्तेमाल मास मर्डर से कम नहीं है, इसे रोकने के लिए सख्त कदम उठाने ही चाहिए।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।