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कैमरून में कफ सिरप से हुई 12 बच्चों की मौत, दवा के भारत में बने होने का किया जा रहा है दावा

कैमरून के अधिकारियों ने बताया है उनके शरीर में अलग अलग तरह के कफ सिरप के निशान मिले हैं जिसे कि भारत में बनाया गया था। नेचरकोल्ड नाम की इस कफ सीरप की लैब मध्य प्रदेश के इंदौर में है। दवा के डिब्बे की तस्वीरों में एक मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस का नंबर का नंबर भी दिख रहा है दो कि इंदौर की रीमैन लैब का बताया जा रहा है

Curated By: Abhishek Nandanअपडेटेड Jun 19, 2023 पर 11:08 PM
कैमरून में कफ सिरप से हुई 12 बच्चों की मौत, दवा के भारत में बने होने का किया जा रहा है दावा
हाल के महीनों में मिडिल अफ्रीकी देश कैमरून में एक दर्जन से भी ज्यादा बच्चों की मौत की खबर सामने आई थी

हाल के महीनों में मिडिल अफ्रीकी देश कैमरून में एक दर्जन से भी ज्यादा बच्चों की मौत की खबर सामने आई थी। अब कैमरून के अधिकारियों ने बताया है उनके शरीर में अलग अलग तरह के कफ सिरप के निशान मिले हैं जिसे कि भारत में बनाया गया था। नेचरकोल्ड नाम की इस कफ सीरप की लैब मध्य प्रदेश के इंदौर में है। दवा के डिब्बे की तस्वीरों में एक मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस का नंबर का नंबर भी दिख रहा है दो कि इंदौर की रीमैन लैब का बताया जा रहा है।

क्या कहा कंपनी ने

रीमैन लैब के एक निदेशक नवीन भाटिया ने एक फोन इंटरव्यू में कहा, तस्वीर में दिखाई देने वाली दवाएं हमारे जैसी दिखती हैं। उन्होंने कहा कि रीमैन सख्त क्वालिटी कंट्रोल का पालन करता है और वह दूषित दवा नहीं बना सकता था। हालांकि नकली दवाएं बनाना काफी आम है। बता दें कि पिछले एक साल से कम वक्त में यह तीसरी बार है कि जब भारतीय कफ सिरप की वजह से मौत का दावा सामने आया है।

गाम्बिया और उजबेक्सितान में भी सामने आ चुका है मामला

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