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Dahi Handi 2024: आज कान्हा की टोली फोड़ेगी दही की मटकी, मुंबई-ठाणे में लगी सबसे ऊंची दही हांडी

Dahi Handi 2024 Celebration: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में आज (27 अगस्त 2204) दही हांडी का त्योहार मनाया जा रहा है। इस त्योहार में जन्माष्टमी के दूसरे दिन कृष्ण भक्त ऊंचाई पर टंगी हुई दही से भरी हांडी को फोड़ते हैं। इसमें इनाम रखा जाता है। इसे फोड़ने के लिए भक्तों की टोलियां काफ दिनों पहले से ही अभ्यास करना शुरू कर देती हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 27, 2024 पर 10:21 AM
Dahi Handi 2024: आज कान्हा की टोली फोड़ेगी दही की मटकी, मुंबई-ठाणे में लगी सबसे ऊंची दही हांडी
Dahi Handi 2024 Celebration: दही हांडी का त्योहार भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं की याद में हर साल मनाया जाता है।

दही हांडी पर्व, महाराष्ट्र, कर्नाटक और कुछ अन्य भारतीय राज्यों में धूमधाम से मनाया जाता है। यह पर्व भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं की याद में मनाया जाता है। खासकर उनकी एक प्रसिद्ध लीला ‘माखन चोर’ के रूप में यह पर्व कृष्ण जन्माष्टमी के दूसरे दिन मनाया जाता है। मुंबई में दही हांडी कई सालों से मनाया जा रहा है। यह कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि को मनया जाता है। इस त्योहार में दही की एक हांडी (मटकी) को काफी ऊंचाई में बांध दिया जाता है। फिर गोविंदाओं की एक टोली इस दही से भरी हांडी को फोड़ने की कोशिश करती है। जिसने फोड़ दिया, उस टोली को बतौर इनाम मोटी धनराशि दी जाती है।

पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक, द्वापर युग में भगवान श्री कृष्ण बचपन में अपने दोस्तों के साथ माखन, मिशरी चुराते थे। अपने दोस्तों में बांटते थे। इसलिए कान्हा को माखन चोर भी कहा जाता है। कहते हैं कि माखन चोरी होने के डर से गोपियां माखन की मटकी को घर में किसी ऊंचे स्थान पर लटका देती थीं। लेकिन कन्हैया अपने मित्रों की सहायता से माखन चुरा ही लेता था।

हांडी के ऊपर रखा जाता है नारियल

यह त्योहार महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश की कई जगहों जैसे मथुरा, वृंदावन और गोकुल में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस त्योहार पर दही हांडी तोड़ने का कार्यक्रम कई घंटों तक चलता है। इस दिन दही से भरी एक हांडी को रस्सी से बांधकर ऊंचाई पर टांग दिया जाता है। फिर एक टोली (टीम) में शामिल गोविंदा (कृष्ण भक्त) बारी-बारी एक दूसरे के कंधों पर चढ़कर ऊंचे स्थान पर बंधी दही हांडी को फोड़ने की कोशिश करते हैं। इस दही हांडी के ऊपर एक नारियल भी रखा जाता है। टोली में शामिल सबसे छोटे लड़के (गोविंदा) को सबसे ऊपर रखा जाता है। गोविंदा इसी नारियल से दही की हांडी फोड़ते हैं। जिसने भी हांडी फोड़ दी। उस टोली को विजयी घोषित किया जाता है।

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